कजरी महोत्सव आज, लोकनृत्य और लोकगीत का होगा अनूठा संगम

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पडरौना/कसया। संस्कार भारती कुशीनगर, समन्वय मिलन (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), विश्व भोजपुरी सम्मेलन जिला इकाई कुशीनगर और विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था पडरौना के संयुक्त तत्वावधान में रविवार 23 अगस्त को कसया स्थित गोल्डन रिसोर्ट में कजरी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम शाम पांच बजे से शुरू होगा।

आयोजकों के अनुसार महोत्सव का उद्देश्य पारंपरिक कजरी लोकगीत और लोकनृत्य की समृद्ध लोक संस्कृति को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। कार्यक्रम में कजरी के पारंपरिक लोकगीतों के साथ लोकनृत्य और लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।

महोत्सव की तैयारियों को लेकर संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री डॉ. अनिल सिन्हा, विश्व भोजपुरी सम्मेलन के जिलाध्यक्ष एवं विमर्श साहित्यिक सामाजिक सेवा संस्था के अध्यक्ष आर.के. भट्ट तथा संस्कार भारती के जिला महामंत्री वीरेश राय ने संयुक्त रूप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोजन में स्थानीय लोक कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कजरी की पारंपरिक विरासत को जीवंत किया जाएगा।

आयोजकों ने कहा कि कजरी पूर्वांचल की लोक संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोकगीत और लोकनृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से सपरिवार कार्यक्रम में पहुंचकर कजरी महोत्सव का आनंद लेने और लोक संस्कृति के संरक्षण में सहभागी बनने की अपील की है।

और पढ़ें

[the_ad id="164"]