रामकोला, कुशीनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला में मरीजों को मुफ्त जांच की सुविधा देने के लिए लगाया गया हेल्थ एटीएम करीब चार साल से बंद पड़ा है। मशीन खराब होने और तकनीशियन के अभाव में इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में लगी मशीन अब महज शोपीस बनकर रह गई है।
हेल्थ एटीएम के जरिए मरीजों की ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल और ऑक्सीजन लेवल समेत कई जरूरी जांच मुफ्त में होनी थीं। लेकिन मशीन बंद होने के कारण मरीजों को सामान्य जांच के लिए भी निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
रोजाना 250 से 300 मरीजों का इलाज
सीएचसी में प्रतिदिन करीब 250 से 300 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 50 से 70 मरीजों को डॉक्टर विभिन्न जांच लिखते हैं। हेल्थ एटीएम बंद होने से इन मरीजों को जांच कराने के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच की सुविधा के लिए मशीन लगाई गई थी, लेकिन लंबे समय से बंद होने के कारण इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। इससे गरीब और ग्रामीण मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
तकनीशियन की तैनाती की मांग
ग्रामीणों ने हेल्थ एटीएम का संचालन जल्द शुरू कराने और प्रशिक्षित तकनीशियन की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मशीन चालू हो जाए तो मरीजों को अस्पताल में ही कई जरूरी जांच की सुविधा मिल सकेगी।
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी एपी गुप्ता ने बताया कि हेल्थ एटीएम खराब होने की रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि मशीन का संचालन जल्द शुरू कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि चार साल से बंद हेल्थ एटीएम आखिर कब चालू होगा? क्या स्वास्थ्य विभाग मरीजों की परेशानी को देखते हुए मशीन की मरम्मत और तकनीशियन की तैनाती जल्द कराएगा, या फिर सरकारी अस्पताल में मुफ्त जांच की सुविधा का इंतजार यूं ही जारी रहेगा?
रामकोला CHC में मशीन खराब, तकनीशियन का अभाव बना कारण; रोजाना 250 से 300 मरीज पहुंचते हैं अस्पताल








