डोल मेले में उमड़ा जनसैलाब, 11 अखाड़ों ने निकालीं भव्य झांकियां,रातभर गूंजता रहा आर्केस्ट्रा

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कसयानगर में दो दिवसीय डोल मेले का मंगलवार को उत्साह और उमंग के बीच आगाज हुआ। नगर के विभिन्न मार्गों पर 11 अखाड़ों ने शस्त्र प्रदर्शन और आकर्षक झांकियों के साथ नगर भ्रमण किया। जुलूस देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही। युवाओं ने पारंपरिक कला और शौर्य का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
शाम करीब पांच बजे से अलग-अलग दलों के अखाड़े ठेलों पर शस्त्रों के प्रदर्शन के साथ विभिन्न प्रकार की झांकियां लेकर नगर भ्रमण पर निकले। जुलूस के दौरान पूरा नगर मेले के रंग में रंगा नजर आया। रात करीब 10 बजे के बाद मेले की रौनक और बढ़ गई।
करीब नौ दलों की ओर से बड़ी ट्रालियों पर आर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया था। ट्रालियों पर बड़े साउंड बॉक्स और स्पीकर लगाए गए थे। कलाकारों ने प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन किया, जबकि श्रोता देर रात तक ट्रालियों के पीछे चलते हुए कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।

रातभर गुल रही बिजली, जनरेटर से रोशन रहा मेला क्षेत्र

डोल मेले के दौरान नगर की बिजली आपूर्ति रातभर बंद रही। इससे लोगों को घरों में उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि, मेला क्षेत्र में अंधेरा न हो और श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए नगरपालिका की ओर से प्रमुख मार्गों की स्ट्रीट लाइट और चौराहों पर लगे हाईमास्ट को करीब 12 जनरेटर से संचालित कराया गया। इस व्यवस्था पर करीब एक लाख रुपये व्यय होने की बात बताई गई।
नगरपालिका अध्यक्ष किरन जायसवाल के निर्देश पर की गई इस व्यवस्था से मेला क्षेत्र में रातभर रोशनी बनी रही। आयोजकों और मेले में पहुंचे लोगों ने नगरपालिका की पहल की सराहना की। अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता के बाद मेला क्षेत्र में रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। बड़े साउंड सिस्टम के कारण मेले के दौरान बिजली आपूर्ति बंद होने से नगर में अंधेरा छा जाता है। श्रद्धालुओं और मेले में आने वाले लोगों को असुविधा न हो, इसलिए जनरेटर से स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट जलाए गए।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रही चाक-चौबंद

मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस नगर में तैनात रही। पुलिसकर्मियों ने प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी। वहीं, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ी गाड़ियों और चारपहिया वाहनों के प्रवेश पर पहले से प्रतिबंध लगाया गया था। निर्धारित रूट के अनुसार ही वाहनों का आवागमन कराया गया, जिससे मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने।
बुधवार को मेले के दूसरे दिन भी शाम करीब चार बजे से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले को लेकर नगरवासियों में खासा उत्साह बना हुआ है।

 

रातभर गूंजता रहा आर्केस्ट्रा, जनरेटर से रोशन रहा मेला क्षेत्र; सुरक्षा में कई थानों की पुलिस तैनात

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