सेवरही बाजार में बाल श्रम के खिलाफ अभियान, 15 किशोर श्रमिक चिन्हित

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कुशीनगर। बाल एवं किशोर श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रम विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को सेवरही बाजार में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीम ने होटल, ढाबों और मोबाइल आटा वर्कशॉप समेत कुल 12 प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान 15 किशोर श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया।

संयुक्त टीम ने किशोरों से कार्य लेने वाले सेवायोजकों और प्रतिष्ठान संचालकों को संबंधित अधिनियम की धाराओं के तहत निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए विधिक कार्रवाई की। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान स्वामियों को बाल श्रम के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन का अधिकार है।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम कराते पकड़े जाने पर छह माह से दो वर्ष तक की सजा और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकारिता उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक एएच टंडन, आरक्षी सुशील, मुकेश, शालिनी, अभिषेक कुमार श्रीवास्तव तथा कनिष्ठ सहायक समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। चिन्हित बाल एवं किशोर श्रमिकों के पुनर्वास की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

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