कप्तानगंज गोलीकांड का सनसनीखेज खुलासा, खुद रची हमले की कहानी

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कुशीनगर। कप्तानगंज थाना क्षेत्र में 20 अगस्त की रात हुई गोली चलने की घटना का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, खुद को गोली मारने की सूचना देने वाले युवक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कथित रूप से हमले की झूठी कहानी रची थी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध पिस्टल समेत हथियार और अन्य सामान बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त की रात करीब 10 बजे सीएचसी कप्तानगंज से एक युवक के गोली लगने की सूचना मिली थी। घायल की पहचान गोपाल दूबे निवासी सोहनी के रूप में हुई। परिजनों की तहरीर पर सदानन्द राय, राजेश्वर यादव और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस को घटना की कहानी और मौके से मिले साक्ष्यों में विरोधाभास नजर आया।

पुलिस का दावा है कि जांच में सामने आया कि गोपाल दूबे ने अपने साथी सत्यम तिवारी और सूरज यादव के साथ मिलकर कथित रूप से साजिश रची। आरोप है कि गोपाल ने खुद अपने पैर में सूजा घोंपा और अवैध पिस्टल से जमीन पर फायर कर घटना को विरोधियों के हमले का रूप देने का प्रयास किया। इसके बाद सदानन्द राय और राजेश्वर यादव को हत्या के प्रयास के मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई गई।

पुलिस ने गोपाल दूबे उर्फ गोपाल कृष्ण दूबे, सत्यम तिवारी और सूरज यादव को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से .32 बोर की अवैध पिस्टल, दो मैगजीन, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक सूजा बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक विवेचना के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 238(1), 248(1), 61(2), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 की बढ़ोतरी की गई है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन में कप्तानगंज पुलिस और फील्ड यूनिट की टीम ने की।

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