मौसम बिगड़ा तो गुल हो जाती है बिजली, अंधेरे में डूब जाते हैं ग्रामीण इलाके; सिसवा क्षेत्र के लोगों में नाराजगी

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महराजगंज। सिसवा क्षेत्र समेत जिले के कई ग्रामीण इलाकों में मौसम खराब होते ही बिजली व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। हल्की बारिश, तेज हवा या बादल आते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाना ग्रामीणों के लिए आम समस्या बन गई है। बिजली कटने के बाद कई-कई घंटे तक आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम बिगड़ते ही बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। बिजली कटने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उमस और गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली न रहने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

शिकायतों के बावजूद राहत नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि फॉल्ट होने की जानकारी देने के बावजूद कई बार बिजली विभाग की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं होती। शिकायत दर्ज कराने के बाद भी घंटों तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

उठ रहे हैं कई सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार पर्याप्त बिजली उपलब्ध करा रही है, तो फिर मौसम खराब होते ही ग्रामीण इलाकों की आपूर्ति बार-बार क्यों बाधित हो जाती है। लोगों का सवाल है कि क्या बिजली विभाग के पास ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आम लोग गर्मी और उमस में बिजली का इंतजार करते रहते हैं, जबकि अधिकारी सुविधाजनक माहौल में रहते हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

त्वरित व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में फॉल्ट की त्वरित निगरानी, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को बार-बार होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।

बड़ा सवाल

अगर सरकार पर्याप्त बिजली उपलब्ध करा रही है, तो फिर सिसवा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम बिगड़ते ही बिजली क्यों गुल हो जाती है? आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का स्थायी समाधान कब करेंगे?

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