जातिगत आरक्षण समाप्त करने की मांग, राष्ट्रपति को ज्ञापन, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

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जातिगत आरक्षण हटाओ विकास मंच ने सोमवार को तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। मंच के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी तमकुहीराज कुणाल गौरव को सौंपा। उन्होंने देश में जातिगत आरक्षण व्यवस्था समाप्त कर समानता आधारित प्रणाली लागू करने की मांग की।

मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो देशव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने सरकार से आरक्षण नीति पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की, ताकि जनता में कोई भ्रम न रहे।

संगठन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की शिक्षा को गिरवी रखना चाहती है, जिससे प्रतिभावान और मेधावी छात्रों को बड़े शिक्षा संस्थानों से दूर किया जा सके।

सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों को समान अवसर मिलने चाहिए। मंच का आरोप है कि जातिगत आधार पर आरक्षण सामाजिक समानता के उद्देश्य को प्रभावित कर रहा है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि आरक्षण व्यवस्था जारी रखना आवश्यक हो, तो इसे जाति के बजाय आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब वर्ग के आधार पर लागू किया जाए।

इस दौरान मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन एसडीएम कुणाल गौरव को सौंपते हुए राष्ट्रपति तक अपनी मांग पहुंचाने का अनुरोध किया। ज्ञापन सौंपने के अवसर पर अशोक राय, अखिलेश्वर प्रकाश द्विवेदी, अजय राय, धीरज पाण्डेय, पंकज मिश्रा, अशोक पाण्डेय, प्रदुमन चौबे, रण विजय सिंह, ऋषिकेश तिवारी, प्रिंस तिवारी, राज नारायण पाण्डेय, दीपक पांडेय, आलोक उपाध्याय, राजकुमार तिवारी, नितांत सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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