उफान पर नारायणी नदी, 1.80 लाख क्यूसेक पानी का दबाव बढ़ा; खड्डा के रेता क्षेत्र में अलर्ट

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खड्डा, कुशीनगर। कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील क्षेत्र में नारायणी नदी एक बार फिर उफान पर है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश के बाद नदी में पानी का दबाव बढ़ गया है। रविवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के रास्ते नारायणी नदी में करीब 1 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद खड्डा क्षेत्र में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बढ़ते जलप्रवाह के कारण नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसा माहौल बन गया है।

नारायणी नदी के तेज बहाव की आवाजें अब नदी किनारे बसे ग्रामीणों के अंदर भी डर पैदा कर रही हैं। नदी का पानी लगातार तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे सीमावर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

रेता क्षेत्र के गांवों में बढ़ी निगरानी

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खड्डा तहसील के रेता क्षेत्र के सभी गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक टीमों द्वारा संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया जा रहा है। ग्रामीणों को नदी के किनारे नहीं जाने, तेज बहाव में उतरने और बहकर आ रही लकड़ियों को पकड़ने की कोशिश नहीं करने की हिदायत दी जा रही है।

नारायणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी हुई है। लोगों की नजर लगातार नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का दबाव इसी तरह बना रहा तो कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

 

संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए SDRF की टीम लगातार रेता क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में गश्त कर रही है। टीम संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के साथ ग्रामीणों को जागरूक कर रही है। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए टीम को अलर्ट रखा गया है।

प्रशासन भी नदी के जलस्तर और गांवों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नदी के किनारे बसे ग्रामीणों से सावधानी बरतने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की अपील की जा रही है।

रोहुआ नाला में घटा पानी, बस सेवा शुरू

वहीं, क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि रोहुआ नाला में अब पानी कम हो चुका है। पानी कम होने के बाद आवागमन की स्थिति में सुधार हुआ है और बस सेवा का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। बस सेवा शुरू होने से आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।

हालांकि रोहुआ नाला में पानी कम होने के बावजूद नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल में हुई बारिश और बैराज से बढ़े पानी के डिस्चार्ज का असर आने वाले समय में नदी के जलस्तर पर दिखाई दे सकता है।

फिलहाल नारायणी नदी के उफान को देखते हुए खड्डा तहसील का रेता क्षेत्र अलर्ट पर है। SDRF और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, जबकि ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं।

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