अमृत सरोवर हादसा: मृतक बच्चों के परिजनों ने चेयरमैन, ईओ समेत अन्य जिम्मेदारों पर एफआईआर की मांग

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सिसवा (महराजगंज)। नगर पालिका परिषद सिसवा के वार्ड संख्या-25 स्थित निर्माणाधीन अमृत सरोवर में तीन मासूम बच्चों की डूबने से हुई दर्दनाक मौत के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। बुधवार को मृतक बच्चों के परिजनों ने कोठीभार थाने पहुंचकर अलग-अलग प्रार्थना पत्र सौंपे और नगर पालिका अध्यक्ष, अध्यक्ष प्रतिनिधि, अधिशासी अधिकारी (ईओ), संबंधित अवर अभियंता (जेई) समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि 2 अगस्त को हुए इस हादसे के पीछे निर्माणाधीन अमृत सरोवर पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी जिम्मेदार है। उनका कहना है कि गहरे गड्ढे की खुदाई के बावजूद न तो स्थल की बैरिकेडिंग कराई गई और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया। इसी लापरवाही के कारण तीन मासूम बच्चों की जान चली गई।

प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत पहले ही जिलाधिकारी से की गई थी। शिकायत के बाद 20 जुलाई को जांच समिति का गठन भी किया गया था, लेकिन जांच पूरी होने से पहले न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाए होते तो इस दर्दनाक हादसे को रोका जा सकता था। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

उधर, कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि परिजनों के प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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