महराजगंज। फरेंदा तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरा परसौनी निवासी मसरफ हुसैन पुत्र रहमत हुसैन सोमवार को अपनी पुश्तैनी जमीन के मामले को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने अधिकारियों से अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
मसरफ हुसैन का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी पुश्तैनी जमीन को बिना किसी नोटिस और मुकदमे की जानकारी दिए उनके नाम से हटा दिया गया। इसकी जानकारी होने के बाद उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी के न्यायालय में मुकदमा दायर किया। उनके मुताबिक करीब पांच साल की कानूनी लड़ाई के बाद फैसला उनके पक्ष में आया। इसके बाद डिमांड तैयार कर मामला चकबंदी अधिकारी के समक्ष भेजा गया, जहां करीब एक वर्ष बाद फिर उनके पक्ष में फैसला हुआ।
पीड़ित का आरोप है कि चकबंदी अधिकारी द्वारा नापी गई जमीन बाद में तारा देवी के नाम कर दी गई, जबकि उनके अनुसार संबंधित चक में तारा देवी का नाम दर्ज नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चक में शामिल अन्य लोगों को बिना सूचना दिए उनकी जमीनों की नाप-जोख कर उन्हें इधर-उधर कर दिया गया।
मसरफ हुसैन ने बताया कि वह वर्ष 2021 से अपनी जमीन के लिए अधिकारियों और न्यायालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें उनकी जमीन पर अधिकार नहीं मिल सका है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी जमीन का समाधान नहीं होता, तब तक वह जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन जारी रखेंगे।









