नेपाल में राहत सामग्री लेकर पहुंचे सिख NGO के जत्थे को सीमा से लौटना पड़ा

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नौतनवा/सोनौली (महराजगंज)। नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच अमृतसर से खाद्य एवं राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचे सिख समुदाय के एक एनजीओ के स्वयंसेवकों को सोनौली-बेलहिया सीमा से आगे प्रवेश नहीं मिल सका। अनुमति न मिलने के बाद राहत सामग्री से भरी गाड़ियों के साथ जत्थे को वापस पंजाब लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार ‘Serve Humanity Serve God Charitable Trust’ से जुड़े स्वयंसेवक अमृतसर, पंजाब से खाद्य सामग्री लेकर सोनौली-बेलहिया सीमा के रास्ते नेपाल में प्रवेश करना चाहते थे। उनका कहना था कि राहत सामग्री किसी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों के बीच नि:शुल्क वितरण के लिए लाई गई थी।

एनजीओ के सदस्यों के मुताबिक, सीमा पर पहुंचने के बाद उन्होंने नेपाल में प्रवेश की अनुमति मांगी, लेकिन नेपाल भंसार (कस्टम), प्रशासन और पुलिस की ओर से उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली। स्वयंसेवकों ने मानवीय आधार पर राहत सामग्री ले जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका।

बताया गया कि अधिकारियों की ओर से एनजीओ के सदस्यों को नेपाल के भीतर से राहत सामग्री खरीदकर प्रभावित लोगों के बीच वितरण करने का सुझाव दिया गया। अनुमति नहीं मिलने के बाद स्वयंसेवकों को अपनी राहत सामग्री से भरी गाड़ियों के साथ वापस लौटना पड़ा।

इस घटना ने आपदा के समय सीमा पार मानवीय सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वयंसेवकों का कहना है कि वे लंबा सफर तय कर प्रभावित लोगों की मदद के लिए भोजन लेकर पहुंचे थे, लेकिन सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाए बिना ही लौटना पड़ा।

हालांकि, राहत सामग्री लेकर पहुंचे एनजीओ के जत्थे को सीमा पर रोके जाने के कारणों और पूरे मामले में नेपाली प्रशासन एवं भंसार कार्यालय का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। आधिकारिक पक्ष मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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