कुशीनगर। जनसुराज पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत किशोर गुरुवार को कुशीनगर पहुंचे। उन्होंने पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर रहे देवपालिक गुप्ता के पैतृक गांव गोड़रिया पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसके बाद वह देवपालिक के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान प्रशांत किशोर शव के साथ दाह संस्कार स्थल तक पैदल चलते हुए भी नजर आए। देवपालिक की असमय मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर निवासी 31 वर्षीय देवपालिक गुप्ता अपने दो साथियों के साथ रांची से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। यात्रा के दौरान झारखंड के अनगड़ा के पास वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। काफी देर तक उनके वापस नहीं लौटने पर साथियों ने तलाश शुरू की और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी।
इसके बाद अनगड़ा थाना क्षेत्र के जरवाडीह के पास रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में उनका शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हालांकि, देवपालिक किन परिस्थितियों में लापता हुए और उनकी मौत कैसे हुई, यह अभी जांच का विषय है।
गांव पहुंचकर प्रशांत किशोर ने दी श्रद्धांजलि
देवपालिक की मौत की सूचना मिलने के बाद प्रशांत किशोर गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव गोड़रिया पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में संवेदना व्यक्त की। इसके बाद वह अंतिम संस्कार में शामिल हुए और परिजनों के साथ दाह संस्कार स्थल तक पैदल गए।
देवपालिक गुप्ता जनसुराज पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की थी। बताया गया कि वह पिछले कई वर्षों से प्रशांत किशोर के साथ काम कर रहे थे। परिवार में उनकी शादी की तैयारियां भी चल रही थीं। उनकी अचानक मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
प्रशांत किशोर ने दुर्घटना बताया, भाई ने जताई हत्या की आशंका
देवपालिक की मौत को लेकर प्रशांत किशोर ने इसे ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना बताया। उन्होंने कहा कि देवपालिक उनके साथ करीब चार वर्षों से काम कर रहे थे। वहीं, मृतक के भाई तारकेश्वर गुप्ता ने घटना की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तारकेश्वर गुप्ता के मुताबिक, उनके भाई वर्ष 2021 से प्रशांत किशोर के साथ काम कर रहे थे और साथियों के साथ ट्रेन से पटना जा रहे थे। साथियों से घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन वहां पहुंचे। भाई का दावा है कि घटनास्थल पर जांच के दौरान फॉरेंसिक टीम ने हत्या की आशंका जताई थी। हालांकि, इस दावे और मौत के वास्तविक कारण की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।
पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट से स्पष्ट होगी स्थिति
देवपालिक गुप्ता की मौत को लेकर फिलहाल अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जहां प्रशांत किशोर ने इसे ट्रेन यात्रा के दौरान हुई दुर्घटना बताया है, वहीं मृतक के भाई ने हत्या की आशंका जताई है। ऐसे में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों का पता चल सकेगा। परिजनों ने निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
प्रकाशन से पहले ध्यान दें: हत्या की आशंका और फॉरेंसिक टीम से संबंधित बातों को परिजनों के दावे के रूप में ही प्रकाशित करें। जब तक आधिकारिक पुष्टि न हो, मौत को हत्या या दुर्घटना घोषित न करें।









