महराजगंज। जिलाधिकारी महराजगंज के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से शुक्रवार को सिसवा ब्लॉक के महाराणा प्रताप सभागार में ‘महराजगंज पहल’ के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय संवाद एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के सर्वांगीण विकास, जरूरतमंद बच्चों के सशक्तिकरण और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। गैर-सरकारी संगठनों की सहभागिता को लेकर भी अधिकारियों ने अपने विचार साझा किए।
बाल सेवा समेत कई योजनाओं की दी जानकारी
खंड विकास अधिकारी अर्जुन चौधरी ने महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद, निराश्रित और विपरीत परिस्थितियों में जीवन जी रहे बच्चों एवं महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया समझाई
कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों और उनके अभिभावकों को विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने पात्र परिवारों से योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने की अपील की।
हेल्पलाइन सेवाओं की भी दी जानकारी
बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 108 और सखी वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी।
साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, उत्पीड़न और हिंसा जैसी सामाजिक समस्याओं की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र बच्चा और महिला सरकारी योजनाओं से जुड़कर सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन जी सके।
पात्र परिवारों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि पात्र परिवार अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। किसी भी संकट या आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं का तत्काल इस्तेमाल करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया गया।
इस दौरान एडीओ आईएसबी सुजीत गोंड, एपीओ सौरभ चौधरी, सचिव जयहिंद गौतम, एडीओ पीपी दीनानाथ पटेल, एडीओ समाज कल्याण शशांक दूबे, जिला बाल संरक्षण इकाई से हरी प्रसाद, आउटरीच कार्यकर्ता, विभिन्न विभागों के लाभार्थी बच्चे और उनके अभिभावक मौजूद रहे।









