E20 पेट्रोल विवाद: AAP का आंदोलन तेज, PM आवास तक मार्च की तैयारी

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पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाने की सरकारी नीति अब सड़क की लड़ाई बनती दिख रही है। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और साफ चेतावनी दी है कि अगर नीति वापस नहीं ली गई, तो विरोध और तेज होगा।

छात्र आंदोलन से मिली प्रेरणा

पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने इस मुहिम की तुलना हाल के छात्र आंदोलन से की, जिसके दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। केजरीवाल का कहना है कि जिस तरह युवाओं ने एकजुट होकर सरकार को झुकाया, उसी तर्ज पर अब E20 पेट्रोल के मुद्दे पर भी जनता को साथ आना होगा।

शनिवार को बड़ा आयोजन

पार्टी की तरफ से इस शनिवार ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ नाम से एक कार्यक्रम रखा गया है। इसमें कोई भी नागरिक हिस्सा लेकर एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल से हो रही परेशानियों पर अपनी बात रख सकता है। पार्टी ने ऑनलाइन भागीदारी का विकल्प भी दिया है, ताकि देश के किसी भी कोने से लोग इस मुहिम में शामिल हो सकें।

वाहन मालिकों की शिकायतें बनीं वजह

केजरीवाल के मुताबिक, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में वाहन मालिक तकनीकी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी से गुजारिश है कि इस समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए, क्योंकि आम जनता इससे बुरी तरह परेशान है।

पीएम आवास तक पहुंचेगी आवाज

पार्टी की योजना है कि शनिवार के आयोजन में जुटाई गई शिकायतों और सुझावों को एक पेटीशन का रूप देकर अगले हफ्ते सीधे प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचाया जाए। दिल्ली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सुबह 11:30 बजे कांस्टीट्यूशन क्लब में विशेष सत्र रखा गया है, जहां लोग व्यक्तिगत रूप से अपनी बात रख सकेंगे।

पार्टी का मानना है कि जब तक जनता संगठित होकर आवाज नहीं उठाएगी, सरकार इस नीति पर पुनर्विचार नहीं करेगी — इसीलिए पूरे देश से लोगों को एक मंच पर लाने की कवायद शुरू की गई है।

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