बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी, किसानों के चेहरे खिले

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कुशीनगर। कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से धान की फसलों में हरियाली लौट आई है। खेतों में धान की बालियां निकलने लगी हैं। बारिश से किसानों के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है।

जिन खेतों में पानी पहुंचने की संभावना कम रहती है, वहां किसान महंगे दाम पर मशीनों से सिंचाई कर फसल तैयार कर रहे थे। बारिश होने से ऐसे किसानों को काफी राहत मिली है।आई है।खेतों में धान की बालियां निकलने लगी हैं। बारिश से किसानों के चेहरेपरभी खुशी नजर आ रही है।

जिन खेतों में पानी पहुंचने की संभावना कम रहती है, वहां किसान महंगे दाम पर मशीनों से सिंचाई कर फसल तैयार कर रहे थे। बारिश होने से ऐसे किसानों को काफी राहत मिली है।

क्षेत्र के कई खेतों में धान की फसल तैयार होने की स्थिति में है। पानी की कमी के चलते किसान इन खेतों की सिंचाई करने में जुटे थे, लेकिन बारिश से फसल को पर्याप्त पानी मिलने से किसानों को राहत मिली है। किसानों का कहना है कि बारिश से धान के साथ गन्ना और अन्य फसलों को भी काफी लाभ हुआ है।

क्षेत्र के सोहसा, कुरमौटा, मंझरिया, नरकटिया, महुई बुजुर्ग, महुआडीह, खड्डा, पकड़ी, मदनपुर, लक्ष्मीपुर , बंजारीपट्टी, बसडिला लौगरापुर, अमरपुर, भरवलिया, रामनगर, परवरपार, सोहसा पट्टी गौसी, परेवाटार, पिपरी, सोमनाथ तिवारी और जुड़वनिया सहित आसपास के गांवों में बारिश से धान की फसलों को विशेष लाभ मिला है।

किसान विपिन पटेल, प्रमोद शर्मा, प्रमोद मद्धेशिया, आनंद चौहान, दीनानाथ शर्मा, अंबिका गोंड राजेश राव, महंथ यादव, ब्रजेश सिंह और राधेश्याम प्रसाद आदि ने बताया कि कई दिनों से हो रही बारिश धान सहित गन्ने की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। जिन खेतों में पानी की कमी के कारण महंगे दाम पर सिंचाई करनी पड़ती थी, वहां बारिश ने किसानों का खर्च कम कर दिया है। इससे फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है।

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