कुशीनगर। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में मरीजों की जांच के लिए निजी लैब से जुड़े युवक द्वारा अस्पताल परिसर में ब्लड सैंपल लिए जाने का मामला सामने आया है। हालांकि ये वीडियो 2 सितंबर की बताई जा रही है। करीब 4 मिनट 48 सेकेंड के वीडियो में एक डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़, डॉक्टर द्वारा जांचों के नाम बताए जाने के बाद एक युवक द्वारा मरीजों को अपने साथ ले जाना और अस्पताल परिसर में ही उनका ब्लड सैंपल लेना दिखाई दे रहा है। वीडियो में तीमारदार द्वारा पूछे जाने पर युवक निजी लैब का नाम और उसका पता भी बताता नजर आ रहा है। इसके बाद जांच के नाम पर 600 रुपये और फिर 50 रुपए चेंज देने की बातचीत भी वीडियो में रिकॉर्ड है।
पूरा मामला मेडिकल कॉलेज के गोखरधंधा महिला विंग (एल-2) से जुड़ा बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और सरकारी अस्पताल में मरीजों की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां जांचें निःशुल्क होती है वहां ऐसे खुलेआम बाहरी व्यक्ति द्वारा इतनी महंगी जांचें कैसे हो रही है। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियों और लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
*डॉक्टर के पास लगी थी मरीजों की भीड़*
वीडियो की शुरुआत में डॉक्टर के पास मरीजों और तीमारदारों की भीड़ दिखाई देती है। डॉक्टर अपने कक्ष में बैठे हुए हैं और उनके ठीक बगल में एक युवक खड़ा दिखाई देता है। वीडियो के अनुसार युवक डॉक्टर के निर्देश का इंतजार करता नजर आता है। वीडियो के 38वें सेकेंड के आसपास डॉक्टर एक मरीज की जांच के संबंध में कुछ जांचों के नाम बताते हैं। युवक पहली बार में पूरी जानकारी समझ नहीं पाता है। इसके बाद वह पर्चा लेकर दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचता है। करीब 58वें सेकेंड पर डॉक्टर दोबारा जांचों के नाम बताते हुए सीबीसी समेत चार जांचों का उल्लेख करते हैं। इसके बाद युवक हाथों में कुछ पर्चियां लेकर वहां मौजूद महिलाओं से अपने साथ चलने के लिए कहता है।
*बस सैंपल निकालना है कहकर मरीजों को ले गया युवक*
वीडियो के मुताबिक, जब महिलाओं की ओर से युवक से पूछा जाता है कि उन्हें कहां जाना है या क्यों ले जाया जा रहा है, तो वह कथित तौर पर कहता है कि बस सैंपल निकालना है। इसके बाद युवक मरीजों को अस्पताल के अंदर ही कुछ दूरी पर लगी कुर्सियों के पास ले जाता है। वीडियो के 1 मिनट 59 सेकेंड के आसपास युवक वहां बैठाकर महिला मरीज का ब्लड सैंपल लेना शुरू करता है। वीडियो में वह सैंपल लेने के लिए उपकरण निकालता दिखाई देता है। ब्लड निकालने के बाद वह मरीज के हाथ में सुई लगाए गए स्थान को कई बार कॉटन से साफ करता है। वीडियो में कॉटन से स्थान साफ करने की प्रक्रिया करीब 10 बार दिखाई देती है और उसके बाद ब्लड सैंपल को एक सैंपल बॉक्स में रखते हुए वीडियो में नजर आता है।

*तीमारदार ने पूछा रिपोर्ट कहां से आएगी?*
सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान वीडियो में मौजूद एक तीमारदार युवक से पूछता है कि जांच की रिपोर्ट कहीं दूर से आती है क्या। इस पर युवक कथित तौर पर जवाब देता है कि रिपोर्ट बाहर से आती है। वीडियो के 3 मिनट 29 सेकेंड के आसपास तीमारदार उससे पूछता है कि जांच किस लैब में होगी। युवक जवाब देता है कि जीवन पैथ लैब से जांच होगी। जब उससे लैब का स्थान पूछा जाता है तो वह कथित तौर पर बताता है कि लैब एसपी ऑफिस के सामने है।
*650 रुपये मांगे तीमारदार ने पहले दिए 600 रुपये,फिर 50*
इसके बाद वीडियो में युवक कथित तौर पर तीमारदार से पैसे देने के लिए कहता है। बातचीत में वह 650 रुपये की रकम बताता है। तीमारदार की ओर से रकम अधिक बताए जाने की बात कही जाती है। युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि उसके पास कैश नहीं है। इसी दौरान एक तीमारदार की ओर से 600 रुपये देने की बात कही जाती है। तीमारदार युवक को 600 रुपये देते हुए उस युवक से कहता है कि 50 चेंज आप दे दीजिये। इसके बाद युवक फोन पर किसी व्यक्ति से बातचीत करता दिखाई देता है और कथित तौर पर कहता है कि आ गए जावेद। इसी दौरान तीमारदार उससे पूछता है कि कुल कितनी जांच है तो युवक जवाब देता है कि चार जांच हैं।
*आखिरी में पूछा किस डॉक्टर ने बुलाया था?*
वीडियो के अंतिम हिस्से में, करीब 4 मिनट 39 सेकेंड पर तीमारदार युवक से पूछता है कि उसे किस डॉक्टर ने बुलाया था। इस पर युवक कथित तौर पर प्रभास सर का नाम लेते हुए वहां से चला जाता है। वीडियो में दर्ज इन घटनाक्रमों के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि मरीजों की जांच सरकारी अस्पताल की व्यवस्था के तहत होनी थी तो अस्पताल परिसर में निजी लैब के लिए सैंपल लेने वाला युवक कैसे पहुंचा और मरीजों से जांच के नाम पर रकम किस आधार पर ली गई। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि वीडियो में जिस डॉक्टर का संदर्भ दिया जा रहा है, उनकी इस पूरी प्रक्रिया में क्या भूमिका थी।
*अस्पताल प्रशासन के दावों पर भी सवाल*
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और जिला अस्पताल के सीएमएस की ओर से यह दावा किया जाता रहा है कि मरीजों के लिए आवश्यक जांच सुविधाएं परिसर में उपलब्ध हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में किसी निजी लैब से जुड़े व्यक्ति द्वारा मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जाने की बात सामने आने पर व्यवस्थाओं की निगरानी और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। मरीजों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में कुछ जांचों और इलाज के नाम पर निजी स्तर पर रकम मांगी जाती है। कुछ मरीजों ने नाम न छापने की शर्त पर यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन से संबंधित मामलों में पहले रकम तय करने की बात कही जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
*कुछ माह पहले महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी पकड़ चुकी है बाहर की जांच का खेल*
महिला आयोग की उपाध्यक्ष डॉ चारू चौधरी कुछ माह पहले ही कुशीनगर दौरे पर थी उसी दौरान उन्होंने कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के महिला विंग L2 का सीएमएस सहित तमाम मीडियाकर्मियों के साथ निरीक्षण कर रही थी तभी डॉक्टर के चैंबर से बाहर के अल्ट्रासाउंड सेंटरों के सैकड़ों रेफरल पर्चें भी मिले थे इतना ही नहीं उसी दौरान डॉक्टर द्वारा बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने और उसका पर्चा सहीत भी पकड़ा था। जिसके बाद उन्होंने डॉ खूब फटकार भी लगाई थी और कारवाई का निर्देश दिया था लेकिन जाने के बाद कार्यवाई के नाम पर बस लीपापोती हुई।
*प्राचार्य बोले- वीडियो मिलने पर कराएंगे जांच*
उक्त मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केपी गोंड ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित वीडियो उपलब्ध कराया जाता है तो उसके आधार पर तत्काल पूछताछ की जाएगी। स्पष्टीकरण तलब करने के साथ ही प्रकरण की एक टीम से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
साजिद अंसारी पड़रौना









