66 अन्नपूर्णा भवनों में 55 तैयार, 11 का निर्माण अब भी अधूरा

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कुशीनगरग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मनरेगा से कराए जा रहे अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की प्रगति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की 66 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 55 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 11 भवन अभी भी अधूरे हैं। शेष भवनों में निर्माण कार्य जारी है।
उचित दर की दुकानों को मिलेगा व्यवस्थित स्थान
अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर की दुकानों को व्यवस्थित और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। भवन तैयार होने के बाद यहां राशन का सुरक्षित भंडारण और वितरण किया जा सकेगा। इससे ग्रामीणों को राशन लेने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में कई ग्राम पंचायतों में उचित दर की दुकानें पुराने स्थानों से संचालित हो रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को राशन लेने के लिए उन्हीं स्थानों पर जाना पड़ता है। अन्नपूर्णा भवन तैयार होने के बाद राशन वितरण की व्यवस्था को नए भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
11 भवनों का निर्माण बाकी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की 66 ग्राम पंचायतों में निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद अलग-अलग स्थानों पर कार्य शुरू कराया गया था। अब तक 55 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 11 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। इन भवनों में काम चल रहा है, जिससे संबंधित गांवों के ग्रामीणों को नई व्यवस्था का लाभ मिलने में अभी और समय लगेगा।
ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर से निगरानी
मनरेगा के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों की निगरानी संबंधित ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर से की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि अधूरे भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि सभी 66 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा भवन तैयार हो सकें।
जल्द पूरा कराने के निर्देश
डीसी मनरेगा राकेश कुमार ने बताया कि अधूरे अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। शेष भवनों का निर्माण शीघ्र पूरा कराकर हैंडओवर किया जाएगा। इसके बाद जिले में लक्ष्य के अनुसार सभी 66 अन्नपूर्णा भवन तैयार हो जाएंगे।
ग्रामीणों को किस तरह मिलेगा लाभ
अन्नपूर्णा भवनों के तैयार होने से ग्रामीणों को राशन वितरण के लिए अधिक व्यवस्थित स्थान मिलने की उम्मीद है। सुरक्षित भंडारण और वितरण की सुविधा के साथ राशन लेने में भी सहूलियत होगी। हालांकि, 11 ग्राम पंचायतों में निर्माण पूरा नहीं होने के कारण वहां के ग्रामीणों को अभी पुराने स्थानों से ही राशन लेना पड़ रहा है।
फिलहाल स्थिति यह है कि 66 में से 55 अन्नपूर्णा भवन तैयार हो चुके हैं, जबकि 11 भवनों का निर्माण पूरा होना बाकी है। विभाग की ओर से इन अधूरे भवनों को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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