वाराणसी। राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर स्थित ढेरही, बलरामगंज टोल प्लाजा को लेकर किसानों और क्षेत्रीय लोगों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। पूर्वांचल किसान संगठन के किसान नेता अजीत सिंह डोभी ने प्रेसवार्ता कर 30 सितंबर को टोल प्लाजा बंद कराने और बड़े वाहनों पर नो-एंट्री लागू कराने की मांग को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है।
किसान नेता का आरोप है कि ढेरही टोल प्लाजा से करीब दो किलोमीटर आगे तक राष्ट्रीय राजमार्ग-233 का निर्माण कार्य अधूरा है। इसके बावजूद वाहन चालकों से टोल टैक्स की वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि सड़क की पूरी सुविधा उपलब्ध कराए बिना टोल वसूली किया जाना आम जनता के साथ अन्याय है।
अजीत सिंह डोभी के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन और क्षेत्रीय जनता पहले भी तीन बार शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर चुकी है। इन प्रदर्शनों के दौरान वाराणसी प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों और जौनपुर के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता भी हुई थी।
किसान नेता ने दावा किया कि पूर्व में विरोध के बाद चोलापुर, केराकत और डोभी क्षेत्र के निजी एवं वाणिज्यिक वाहनों को टोल टैक्स में राहत/मुक्ति दी गई थी। हालांकि, करीब दो वर्ष बाद स्थानीय लोगों से दोबारा टोल वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों, युवाओं और आम लोगों से 30 सितंबर को अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों के साथ धरना-प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की है। किसान संगठन की प्रमुख मांग है—“रोड नहीं तो टोल नहीं।”









