कानपुर देहात शिवली कोतवाली क्षेत्र के मांडा मैंथा गांव में मंगलवार को पशु बाडे के पास स्थित तालाब में गिरे ड्रम को निकालते समय किसान गहरे पानी में चला गया। आस पास के लोग घटना देख तालाब में कूदे और किसान को बाहर निकाला। मौके पर पहुंचे मैंथा चौकी प्रभारी परिजनों के साथ किसान को सीएचसी शिवली लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अस्पताल पहुंचने से पहले किसान ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने विधिक कार्यवाही करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।कोतवाली क्षेत्र के मांडा मैथा गांव निवासी 48 वर्षीय किसान राजू गौतम के मकान के सामने तालाब है उसी के पशुबाड़े में उसके मवेशी बंधते हैं। पूरी रात हुई बारिश के पानी से तालाब उफना गया। पशुओं को चारा खिलाने वाला ड्रम पानी में बहकर तालाब में चला गया था।
सुबह करीब 8 बजे किसान राजू गौतम पशुओं को चारा खिलाने के लिए पशुबाड़े में पहुंचा था जहां तालाब किनारे पानी में चले गए ड्रम को निकालते समय अचानक उसका पैर फिसलने से वह तालाब के गहरे पानी में चला गया। आस पड़ोसियों ने घटना को देख शोर मचाना शुरू किया।

आनन फानन ग्रामीण तालाब में कूदे और कड़ी मशक्कत के बाद किसान को बाहर निकाला। जानकारी पर पहुंचे मैंथा चौकी प्रभारी प्रवीण मिश्रा किसान को लेकर सीएचसी शिवली पहुंचे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सीएचसी में मौजूद डॉ शनी ने किसान को मृत घोषित कर दिया। किसान की मौत पर स्वजनों में चीख पुकार मच गई। पति का शव देख उसकी पत्नी कमला, पुत्री खुशबू, गुड़िया,राधा, पुत्र रवी, शिवशंकर, जीतू, अमित, भाई पुत्तन, मनीराम, तथा रमेश का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। मैथा चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार मिश्रा ने छानबीन की।









