कुशीनगर के हाटा विधानसभा क्षेत्र में पिछले करीब 20 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल पर संकट गहराता जा रहा है। बारिश के इंतजार में खेतों की मिट्टी सूखने लगी है और कई जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं।
किसान फसल बचाने के लिए महंगे डीजल से पंपसेट चलाकर सिंचाई करने को मजबूर हैं। बड़े किसान तो किसी तरह सिंचाई कर ले रहे हैं, लेकिन छोटे और मध्यम किसान आर्थिक परेशानी के चलते बारिश पर ही निर्भर हैं।
पंपसेट से सिंचाई के लिए किसानों को करीब 250 से 300 रुपये प्रति घंटे तक खर्च करना पड़ रहा है। वहीं नहरों में पानी नहीं आने और कई ट्यूबवेल खराब होने से परेशानी और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि आसमान में बादल देखकर बारिश की उम्मीद जगती है, लेकिन बादल बिना बरसे ही निकल जाते हैं।
कृषि अधिकारी जय नाथ यादव ने किसानों को समय-समय पर सिंचाई करने और खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखने की सलाह दी है।









