करोड़ों के भवन जर्जर, स्वास्थ्य सेवा बेअसर! भूसा रखने और पशु बांधने के काम आ रहे उपकेंद्र

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कुशीनगर के हाटा तहसील क्षेत्र में वर्ष 2012-13 में बनाए गए प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों की बदहाल स्थिति ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन भवनों के निर्माण के बाद से यहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी या कर्मचारी बैठने नहीं आए। इन उपकेंद्रों का उद्देश्य गांव-गांव में टीकाकरण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

बताया जा रहा है कि कुछ केंद्रों का निर्माण पूरा हुआ, जबकि कई भवन अधूरे ही छोड़ दिए गए। देखरेख और इस्तेमाल के अभाव में तैयार भवन भी अब जर्जर हो चुके हैं। कई जगह इन भवनों में ग्रामीण भूसा रखने के साथ पशुओं को बांधने का काम कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब इन भवनों का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया गया था, तो वर्षों से इनका इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

वहीं, हाटा सीएचसी प्रभारी अजय सिंह और सुकरौली सीएचसी प्रभारी हेमंत वर्मा का कहना है कि ये भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किए गए हैं, इसलिए इनका मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।
अब ग्रामीण इन जर्जर भवनों की जांच, मरम्मत और स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।

और पढ़ें

[the_ad id="164"]