*कुशीनगर में निजी अस्पतालों की मनमानी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर बीजेपी नेता व पूर्व विधायक ने उठाई आवाज*

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कुशीनगर। जिले में निजी अस्पतालों में मरीजों से कथित आर्थिक शोषण, उपचार में लापरवाही तथा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का समुचित लाभ मरीजों तक नहीं पहुंचने का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र भेजकर मामले में प्रभावी कार्रवाई और जांच कराने की मांग की है। पूर्व विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि कुशीनगर जनपद के कई निजी अस्पतालों में मरीजों के परिजनों को चिकित्सकीय लापरवाही एवं आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं वास्तविक रूप से जरूरतमंद मरीजों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ तथा अधिक धन वसूलने के लिए बीमारी को गंभीर बताने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।

पत्र में 24 अगस्त को कप्तानगंज नगर के सच्चिदानंद अस्पताल में अमड़रिया निवासी अश्विनी मिश्रा की नवजात बच्ची की मौत का मामला भी उठाया गया है। पूर्व विधायक ने कहा कि नवजात की मौत और परिजनों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराया जाना लोकहित और सरकार की छवि के लिए आवश्यक है। इस मामले में परिजनों द्वारा अस्पताल पर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। पूर्व विधायक ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि नवजात की मौत के बाद परिजन एवं नागरिक समाज के लोगों ने बच्ची के शव के साथ करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।

उन्होंने इसे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति जनता में उत्पन्न रोष का संकेत बताया। पत्र के अनुसार, कुशीनगर के कसया, हाटा, दुदही, पडरौना, तमकुही सहित विभिन्न क्षेत्रों में निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के साथ खिलवाड़ और अधिक धन वसूली के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व विधायक ने स्वास्थ्य महकमे पर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उन्हें संरक्षण दिए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार एवं विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कई सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे और अन्य उपकरणों के सुचारु रूप से संचालित नहीं होने के कारण मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों में जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

पत्र में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद कई बार मरीजों को बाहर की दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। पूर्व विधायक ने अस्पतालों को समय से आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराने तथा दवाओं की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने की मांग की है। उन्होंने शिकायतों की जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी करने और शिकायतकर्ताओं को ही हतोत्साहित किए जाने का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता जताई। साथ ही अस्पतालों में लगातार औचक निरीक्षण और जननी सुरक्षा योजना से संबंधित व्यवस्थाओं की भी प्रभावी निगरानी की मांग की।

पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने उपमुख्यमंत्री से कुशीनगर के निजी एवं सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सच्चिदानंद अस्पताल में नवजात बच्ची की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पत्र का संज्ञान लेकर शासन स्तर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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