कसया। संस्कार संगम कुशीनगर के तत्वावधान में शनिवार को कुशीनगर में संचालित एक निजी विद्यालय में “सोशल मीडिया रील्स का विद्यार्थियों के जीवन पर प्रभाव एवं डिजिटल अनुशासन” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया के संतुलित, सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य प्राअतिथि पूर्व चार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया ज्ञान और जानकारी का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई, एकाग्रता और दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से रील्स देखने में समय बर्बाद करने के बजाय अपने लक्ष्य और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता एडवोकेट सरिता मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग आवश्यकता और उद्देश्य के अनुसार ही किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचने तथा साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। विशिष्ट अतिथि डॉ. अम्बरीश विश्वकर्मा ने कहा कि तकनीक वर्तमान समय की आवश्यकता है, लेकिन उसका सही उपयोग तभी सार्थक है, जब वह जीवन को बेहतर बनाए। उन्होंने विद्यार्थियों से के साथ खेल, पढ़ाई योग, परिवार और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय देने की अपील की। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं कार्यक्रम अध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए डिजिटल अनुशासन जरूरी है। मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग सीमित समय तथा अभिभावकों और शिक्षकों के मार्गदर्शन में किया जाना चाहिए। अविनाश सिंह ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री की सत्यता और उपयोगिता परखने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ वाद-संवाद भी हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया और रील्स से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें डिजिटल माध्यमों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में करीब 200 छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग तथा डिजिटल अनुशासन का पालन करने की शपथ दिलाई गई। संचालन शिक्षक राजू मद्धेशिया ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों से रील्स की आभासी दुनिया से निकलकरको प्राथमिकऔर अपने लक्ष्य कता देने की अपील की।
अंत में संस्था के अध्यक्ष अशोक जैन ने अतिथियों, विद्या शिक्षा, खेल, संस्कार लय परिवार, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कार संगम का उद्देश्य बच्चों में अच्छे संस्कारों के साथ सामाजिक एवं डिजिटल जागरूकता विकसित करना है। बच्चों में अच्छे संस्कारों के साथ सामाजिक एवं डिजिटल जागरूकता विकसित करना है।









