मथुरा, उत्तर प्रदेश के मथुरा में चर्चित ऑनर किलिंग मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे ईसी एक्ट कोर्ट ने 21 वर्षीय आयुषी यादव की हत्या के मामले में उसके माता-पिता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पिता नितेश यादव और मां बृजबाला पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास सूटकेस में मिला था शव
यह सनसनीखेज मामला 18 नवंबर 2022 का है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास एक लाल रंग के सूटकेस में 21 वर्षीय आयुषी यादव का शव बरामद हुआ था। शव पर गोली लगने के निशान मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो हत्या की पूरी कहानी सामने आई।
परिवार की मर्जी के खिलाफ किया था प्रेम विवाह
जांच में सामने आया कि आयुषी यादव ने परिवार की इच्छा के खिलाफ 13 अक्टूबर 2022 को छत्रपाल गुर्जर से प्रेम विवाह किया था। आरोप था कि इस विवाह से उसके माता-पिता नाराज थे और सामाजिक बदनामी के डर से उन्होंने बेटी की हत्या कर दी।
लाइसेंसी रिवॉल्वर से हत्या का आरोप
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आयुषी की हत्या उसके पिता नितेश यादव ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर की थी। इसके बाद शव को लाल रंग के सूटकेस में रखकर मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे के पास फेंक दिया गया था।
9 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 9 गवाहों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को पेश किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माता-पिता को हत्या का दोषी माना और दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले के बाद करीब चार साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड का कानूनी तौर पर महत्वपूर्ण पड़ाव सामने आया है। ऑनर किलिंग के इस मामले में माता-पिता को मिली उम्रकैद की सजा को अदालत के कड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट- अशोक कुमार









