कुशीनगर । सड़क पर लगे जाम ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। गुरुवार की सुबह कप्तानगंज नगर पंचायत के बंदेलीगंज चौराहे से आजाद चौक जाने वाले मार्ग पर करीब आधे घंटे तक एक 108 एंबुलेंस जाम में फंसी रही। एंबुलेंस में मरीज सवार था और चालक लगातार सायरन बजाकर रास्ता देने की कोशिश करता रहा, लेकिन सड़क पर दोनों तरफ खड़े वाहनों के कारण उसे आगे बढ़ने की जगह नहीं मिल सकी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे इस संकरे मार्ग पर अचानक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी दौरान मरीज को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। चालक ने कई बार आगे निकलने का प्रयास किया, लेकिन सड़क के दोनों किनारों पर खड़े बाइक और कारों के कारण रास्ता इतना संकरा हो गया कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी।
फार्मेसी के आसपास पार्किंग की व्यवस्था नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदेलीगंज से आजाद चौक जाने वाले इसी मार्ग पर शिव शक्ति नाम से एक फार्मेसी संचालित होती है। यहां डॉक्टर रुपेश कुशवाहा द्वारा लोगों का इलाज किए जाने की बात भी सामने आई है। लोगों का आरोप है कि फार्मेसी के आसपास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बाइक व कार अक्सर सड़क के दोनों किनारों पर खड़े हो जाते हैं।
सड़क पहले से ही संकरी है। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से आवागमन प्रभावित होता है और आए दिन जाम की स्थिति बनती रहती है। गुरुवार को इसी अव्यवस्था का असर एक आपातकालीन एंबुलेंस पर भी देखने को मिला।
सायरन बजता रहा, लेकिन नहीं मिला रास्ता
करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही। इस दौरान उसका सायरन लगातार बजता रहा, लेकिन वाहनों की भीड़ के बीच एंबुलेंस को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी।
आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस का लंबे समय तक जाम में फंसे रहना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर खड़े वाहनों को व्यवस्थित कराया जाए और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता सुनिश्चित किया जाए तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से इस मार्ग पर जाम की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े करने पर कार्रवाई के साथ-साथ पार्किंग की उचित व्यवस्था भी कराई जानी चाहिए, ताकि आम राहगीरों के साथ-साथ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को परेशानी न हो।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एक मरीज की जिंदगी बचाने के लिए दौड़ रही एंबुलेंस को ही रास्ता नहीं मिल पाए, तो सड़क पर यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर होंगे?
प्रेम सिंह – कुशीनगर









