पनियहवा पुल पर रील का बढ़ता जुनून, वायरल वीडियो ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

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कुशीनगर। भारत-नेपाल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित पनियहवा पुल इन दिनों अपनी खूबसूरती से ज्यादा युवाओं की लापरवाही को लेकर चर्चा में है। नारायणी नदी पर बना यह पुल कभी प्राकृतिक सौंदर्य और मनमोहक नजारों के लिए पहचान रखता था, लेकिन अब पुल और इसके आसपास का क्षेत्र सेल्फी, रील और वीडियो बनाने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर करीब 25 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में करीब चार युवक पुल के नीचे बने पोर्चनुमा हिस्से पर बैठकर पार्टी करते नजर आ रहे हैं। पुल के नीचे नारायणी नदी के ऊपर इस तरह जोखिम भरे स्थान पर बैठकर पार्टी करना सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जरा सी चूक होने पर युवक सीधे नदी में गिर सकते हैं और बड़ा हादसा हो सकता है।

रेलवे ट्रैक पर भी रील का जुनून

मामला सिर्फ पुल के नीचे पार्टी करने तक सीमित नहीं है। पनियहवा पुल पर बने रेलवे ट्रैक के आसपास भी नाबालिग बच्चों के घूमने और वीडियो बनाने की तस्वीरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ नाबालिग लड़कियां भी पुल के बीचों-बीच रेलवे पटरी के बीच खड़े होकर रील बनाती नजर आईं।

सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का यह जुनून इस कदर बढ़ता जा रहा है कि बच्चे और युवा अपनी सुरक्षा तक को नजरअंदाज कर रहे हैं। रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर रील बनाना बेहद खतरनाक है। ट्रेन के आने की स्थिति में कुछ ही सेकेंड के भीतर स्थिति जानलेवा हो सकती है।

कुछ सेकेंड की रील के लिए जिंदगी दांव पर

बेहतर वीडियो, आकर्षक लोकेशन और सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक-कमेंट पाने की चाह में युवा ऐसे स्थानों पर पहुंच रहे हैं, जहां सामान्य परिस्थितियों में जाना भी जोखिम भरा है। पुल के नीचे गहरी नारायणी नदी और ऊपर रेलवे ट्रैक—दोनों ही जगह जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के लिए आखिर जिंदगी को दांव पर लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? एक रील वायरल होने के बाद मिलने वाले लाइक और कमेंट कुछ समय बाद भले ही खत्म हो जाएं, लेकिन हादसे में गई जिंदगी वापस नहीं आ सकती।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

इस पूरे मामले ने पनियहवा पुल और रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी हो तो नाबालिग बच्चों और युवाओं को रेलवे ट्रैक या पुल के खतरनाक हिस्सों तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पनियहवा पुल की खूबसूरती और नारायणी नदी का दृश्य पर्यटकों और युवाओं को आकर्षित करता है, लेकिन खतरनाक तरीके से सेल्फी, रील और स्टंट करने वालों पर समय रहते रोक लगाना जरूरी है।

लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से पुल, उसके नीचे के हिस्सों और रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी बढ़ाने की मांग की है। साथ ही युवाओं और नाबालिगों को ऐसे खतरनाक वीडियो बनाने से रोकने के लिए जागरूकता और आवश्यक कार्रवाई की जरूरत बताई है।

पनियहवा पुल खूबसूरती देखने की जगह हो सकता है, लेकिन जान जोखिम में डालकर रील बनाने की जगह नहीं। सवाल सिर्फ एक वायरल वीडियो का नहीं, बल्कि उस संभावित हादसे का है जिसे समय रहते रोका जा सकता है।

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