कुशीनगर। जिले के कसया थाना क्षेत्र के डुमरी चुरामन छपरा गांव में 22 वर्षीय मोहित मद्धेशिया की हत्या के बाद अब भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को लेकर मामला गरमा गया है। रविवार को कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे और परिजनों को ढाढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान हत्या के विरोध में प्रदर्शन और सड़क जाम करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को लेकर सांसद ने कसया थानाध्यक्ष के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि हत्या की घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमे में चार लोगों को नामजद करने के साथ कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर सांसद ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कार्यकर्ता हत्या के विरोध में सड़क जाम कर रहे थे तो उनके खिलाफ इस तरह मुकदमा दर्ज करने का क्या औचित्य है। सांसद ने थानाध्यक्ष से सवाल करते हुए कहा कि जिन लोगों को मुकदमे में नामजद किया गया है, क्या वे ईंट-पत्थर चला रहे थे या कोई उपद्रव कर रहे थे? उन्होंने कहा कि हत्या के विरोध में सड़क जाम करना अलग बात है, लेकिन यदि किसी ने हिंसा या तोड़फोड़ नहीं की तो ऐसे लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे पर पुनर्विचार होना चाहिए।
तीन नाम लिखी पर्ची थानाध्यक्ष को देकर पूछा बताओ ये नहीं थे क्या?
इस दौरान सांसद विजय कुमार दूबे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कसया थाना प्रभारी को अपने ऊपर के जेब से एक तीन नाम लिखी हुई पर्ची देते हुए दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। सांसद पर्ची थाना प्रभारी को देते हुए उनसे सवाल करते नजर आ रहे हैं कि बताओ ये नहीं थे क्या? सांसद के इस अंदाज को लेकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा रही। सांसद का कहना था कि जिन कार्यकर्ताओं के नाम मुकदमे में शामिल किए गए हैं, उनके संबंध में पुलिस को मौके की वास्तविक स्थिति और उनकी भूमिका की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
मुकदमा नहीं हटाया तो मुख्यमंत्री से शिकायत
भाजपा कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज होने को लेकर सांसद ने थानाध्यक्ष के सामने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि हत्या के विरोध में सड़क जाम करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे से उनके नाम नहीं हटाए गए तो वह पूरे मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखेंगे। सांसद ने पुलिस को यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यकर्ता यदि किसी तरह का उपद्रव, पथराव या हिंसा नहीं कर रहे थे तो केवल विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम के आधार पर उन्हें गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की बात कही।
मोहित हत्याकांड में अब तक दो नामजद गिरफ्तार
गौरतलब है कि डुमरी चुरामन छपरा गांव में 10-11 अगस्त की रात 22 वर्षीय मोहित मद्धेशिया की हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता योगेंद्र मद्धेशिया की तहरीर पर पुलिस ने अरविन्द गौड़, उसके चचेरे भाई शैलेष गौड़ समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि मोहित का अरविन्द गौड़ की पुत्री से प्रेम प्रसंग था। आरोप है कि घटना वाली रात मोहित युवती से मिलने गांव के बाहर स्थित दूसरे मकान पर गया था। इसी दौरान युवती के पिता अरविन्द गौड़, उसके चचेरे भाई शैलेष गौड़ और एक अन्य युवक के वहां पहुंचने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक मोहित पर ठोस वस्तु से हमला किया गया जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अरविन्द गौड़ को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद की थी। शनिवार को पुलिस ने फरार चल रहे दूसरे नामजद आरोपी शैलेष कुमार पुत्र सुदामा गौड़ निवासी भठही बाबू को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुराने मामले का भी सांसद ने किया जिक्र
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान सांसद ने कसया पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कसया पुलिस पर स्टे की जमीन पर कब्जा कराने और आधा दर्जन महिलाओं समेत कई पुरुषों को निर्दोष होते हुए भी जेल भेजने का मामला सामने आया था। सांसद के अनुसार उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर उस मामले में कार्रवाई कराई थी। सांसद ने कहा कि पुलिस को कार्रवाई करते समय निष्पक्षता का ध्यान रखना चाहिए। हत्या जैसे गंभीर मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष लोगों को मुकदमे में फंसाने की शिकायत मिलने पर भी पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए। मोहित हत्याकांड में जहां पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और एक अन्य की तलाश जारी है, वहीं हत्या के विरोध में प्रदर्शन करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे को लेकर सांसद की नाराजगी के बाद मामला अब राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।









