कुशीनगर। भीषण गर्मी के बीच रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों और उनके तीमारदारों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी के सामने लगा वाटर एटीएम लंबे समय से खराब पड़ा है। अस्पताल परिसर में एक अन्य वाटर एटीएम भी लगा है, लेकिन मरीजों का कहना है कि उसका पानी पीने योग्य नहीं है।
मौके पर मौजूद मरीजों और तीमारदारों के मुताबिक, खराब वाटर एटीएम के कारण अस्पताल आने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गर्मी के मौसम में अस्पताल परिसर में घंटों रहने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
बताया गया कि सीएचसी में प्रतिदिन करीब 300 से 400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनके साथ बड़ी संख्या में तीमारदार भी अस्पताल आते हैं। ऐसे में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और तीमारदारों सुभाष, जगदीश, हैरान और दिवाकर ने अस्पताल प्रशासन से खराब वाटर एटीएम को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को देखते हुए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए।
एक माह पहले संभाला कार्यभार
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी एपी गुप्ता ने बताया कि उन्होंने करीब एक माह पहले ही कार्यभार संभाला है। वाटर एटीएम को ठीक कराने के लिए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) से बातचीत की गई है। उन्होंने जल्द ही वाटर एटीएम को दुरुस्त कराने का प्रयास किए जाने की बात कही है।
अब सवाल यह है कि जब अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं, तो उनके लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था लंबे समय से दुरुस्त क्यों नहीं हो सकी। गर्मी के मौसम को देखते हुए वाटर एटीएम को जल्द ठीक कराना जरूरी है, ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
प्रेम सिंह – कुशीनगर









