स्कूल के चारों तरफ जलभराव से पढ़ाई पर लगा ब्रेक, क्लासरूम में सांप मिलने के बाद बच्चों में दहश

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विधायक की पहल पर प्रधान प्रतिनिधि ने शुरू कराया नाला निर्माण, ह्यूम पाइप डालने का काम जारी

खड्डा। कुशीनगर जनपद के सिसवा गोपाल गांव स्थित जूनियर हाई स्कूल में जलभराव की समस्या से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सड़क से करीब 10 फीट नीचे स्थित विद्यालय परिसर में बारिश का पानी भरने से बच्चों और शिक्षकों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया था। ग्रामीणों के अनुसार, परिसर में करीब पांच फीट तक पानी जमा हो गया था।

जलभराव के चलते विद्यालय कई दिनों तक बंद रहा। अब पानी निकलने के बाद कक्षाएं दोबारा शुरू हो गई हैं, लेकिन क्लासरूम में सांप मिलने की घटना से बच्चों और अभिभावकों में दहशत बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई से ही स्कूल परिसर में पानी जमा था। सात अगस्त को पानी क्लासरूम के अंदर पहुंच गया, जिसके बाद विद्यालय को पूरी तरह बंद करना पड़ा। नौ अगस्त को क्लासरूम से पानी बाहर निकाला गया, लेकिन परिसर में जलभराव बना रहा। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 145 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।

बुधवार से स्कूल खुलने के बाद भी पहले दिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। अभिभावक जलभराव और सांप निकलने की घटनाओं को लेकर बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं।

क्लासरूम में सांप मिलने से मची अफरा-तफरी

जलभराव के बीच पढ़ाई के दौरान एक बच्चे ने क्लासरूम में सांप देख लिया। सांप दिखाई देने पर बच्चा डरकर चिल्लाने लगा, जिससे कक्षा में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने किसी तरह सांप को बाहर निकाला। सहायक अध्यापक मोहित शर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में इससे पहले भी स्कूल परिसर में मगरमच्छ घुस आया था। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

विधायक की पहल पर नाला निर्माण शुरू

समस्या को देखते हुए खड्डा विधायक की पहल पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार ने नाला निर्माण का कार्य शुरू कराया है। जेसीबी से नाला खोदा जा रहा है और उसमें ह्यूम पाइप डालने का काम भी किया जा रहा है, ताकि बारिश का पानी विद्यालय परिसर से बाहर निकल सके। प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि ग्रामीणों और बच्चों की परेशानी को देखते हुए जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय परिसर की जलनिकासी और सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश में स्कूल जलमग्न हो जाता है।

नाला निर्माण से तत्काल राहत की उम्मीद है, लेकिन बच्चों को भयमुक्त वातावरण में पढ़ाई कराने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है। मौके पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार, सचिव अशोक कुशवाहा, फत्तेआलम अंसारी, सहायक अध्यापक जनार्दन प्रसाद, मोहित शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।

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