
मामला अमेठी जिले के जामों ब्लॉक के गौरा गांव का है। यहां के निवासी पैर से दिव्यांग व्यक्ति का आरोप है कि उसके यूडीआईडी कार्ड में लो-विजन श्रेणी दर्ज कर दी गई है, जबकि वह पैर से दिव्यांग है। इसके चलते उसे अपनी जरूरत के मुताबिक सरकारी योजनाओं और सहायक उपकरणों का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
पीड़ित का कहना है कि वह बीते पांच साल से अपनी समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिली है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर सही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
रिपोर्टर-नितेश तिवारी









