महराजगंज के चार पारंपरिक व्यंजनों को मिलेगा बढ़ावा, कारोबारियों को 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान

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महराजगंज,  जिले के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दिलाने और स्थानीय खाद्य कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र की ओर से शुरू की गई ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ODOC) योजना के तहत जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिला उद्योग कार्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कारोबारियों को योजना के लाभ, आर्थिक सहायता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई।

योजना के तहत शासन ने महराजगंज के चार व्यंजनों—रामकटोरी, मीठा समोसा, गुड़ और लिट्टी-चोखा—का चयन किया है। इन व्यंजनों से जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ऋण लेकर कारोबार शुरू करने या उसका विस्तार करने वाले पात्र व्यक्तियों को उद्योग विभाग की ओर से अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान बताया गया।

मेले और प्रदर्शनियों में भाग लेने पर भी मिलेगी सहायता

उपायुक्त उद्योग नीरज कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत आर्थिक सहायता के अलावा स्थानीय व्यंजनों से जुड़े कारोबारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले मेलों एवं प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पात्र कारोबारियों को स्टॉल शुल्क का 75 प्रतिशत और माल ढुलाई भाड़े का 75 प्रतिशत विभाग की ओर से दिए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही दो व्यक्तियों के आने-जाने के लिए एसी ट्रेन या बस का किराया भी उपलब्ध कराया जाएगा।

उद्योग विभाग कारोबारियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में भी सहयोग प्रदान करेगा, ताकि जिले के पारंपरिक व्यंजनों को व्यापक बाजार मिल सके।

खाद्य सुरक्षा और लाइसेंस की दी गई जानकारी

कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त के.के. उपाध्याय और उनकी टीम ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों तथा लाइसेंसिंग प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। कारोबारियों को खाद्य व्यवसाय संचालित करते समय आवश्यक नियमों और औपचारिकताओं का पालन करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपायुक्त उद्योग नीरज कुमार सिंह, सहायक प्रबंधक अविनाश कुमार पाण्डेय, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के.के. उपाध्याय, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में खाद्य कारोबारी मौजूद रहे।

स्थानीय व्यंजनों को मिलेगी नई पहचान

‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना से महराजगंज के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, कारोबारियों को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की उम्मीद है। ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन में सहयोग मिलने से स्थानीय व्यंजनों को जिले से बाहर भी पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खाद्य कारोबारियों को योजना के प्रति जागरूक करना और महराजगंज के पारंपरिक व्यंजनों को व्यावसायिक पहचान दिलाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

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