युवा या कॉकरोच साथ आए तो बदल जाएगा सबकुछ, PAK गृह मंत्री का बड़ा बयान

पाकिस्तान में युवाओं की एकजुटता और कॉकरोच विद्रोह की चेतावनी देते गृह मंत्री मोहसिन नकवी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पाकिस्तान में युवाओं की बेरोजगारी, रोजगार के सीमित अवसर और व्यवस्था को लेकर बढ़ती नाराजगी के बीच गृह मंत्री मोहसिन नकवी का एक बयान चर्चा में है। उन्होंने युवाओं की सामूहिक ताकत को लेकर सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अगर युवा एकजुट होकर सामने आए तो मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है।

नकवी ने युवाओं के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि संख्या और एकजुटता के लिहाज से युवाओं की ताकत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान ने पाकिस्तान में राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी हवा दे दी है।

युवाओं को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, रोजगार चाहिए

पाकिस्तानी गृह मंत्री ने कहा कि युवाओं की समस्या का समाधान केवल उन्हें लैपटॉप या कुछ आर्थिक सहायता देने से नहीं होगा। उनकी असली जरूरत रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर हैं।

उन्होंने खास तौर पर मेरिट के आधार पर नौकरी मिलने की जरूरत पर जोर दिया। उनका संकेत साफ था कि अगर पढ़े-लिखे युवाओं को अपनी योग्यता के मुताबिक अवसर नहीं मिलते हैं तो व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा कमजोर हो सकता है।

नकवी ने माना- सिस्टम में बदलाव की जरूरत

मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल सरकार में बैठे लोगों की मेहनत बढ़ाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि सिस्टम में बुनियादी बदलाव की जरूरत है।

उन्होंने प्रशासनिक इकाइयों को लेकर भी नए सिरे से सोचने की बात कही। उनका मानना है कि छोटे और प्रभावी प्रशासनिक ढांचे के जरिए सरकार को आम लोगों के करीब लाया जा सकता है।

भारत का उदाहरण भी दिया

अपने तर्क को समझाते हुए नकवी ने भारत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ भारत में प्रशासनिक इकाइयों की संख्या बढ़ी और जरूरत के अनुसार नए राज्य बनाए गए।

नकवी के मुताबिक पाकिस्तान में भी प्रशासन को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक सीमाओं और इकाइयों पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

राजनीतिक दलों से भी साथ आने की अपील

गृह मंत्री ने पाकिस्तान के राजनीतिक दलों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर देश की समस्याओं पर मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपनी जगह है, लेकिन देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर साझा सोच जरूरी है।

उन्होंने कारोबारी समुदाय की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि व्यापार जगत को सिर्फ चुनावी फंडिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश की नीतियों और भविष्य को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

‘कॉकरोच विद्रोह’ के पीछे क्या है असली चिंता?

नकवी के बयान में सबसे ज्यादा चर्चा ‘कॉकरोच’ शब्द की हो रही है, लेकिन इसके पीछे की चिंता इससे कहीं बड़ी है।

पाकिस्तान में बड़ी युवा आबादी रोजगार, शिक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद रखती है। आर्थिक दबाव और अवसरों की कमी के बीच अगर युवाओं को यह महसूस होने लगे कि मेहनत और योग्यता के बावजूद उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल रहा, तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।

यही वजह है कि नकवी का बयान सिर्फ एक विवादित उपमा नहीं माना जा रहा। इसमें पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था की उस चिंता की झलक दिखाई देती है कि युवाओं का असंतोष कहीं संगठित आंदोलन का रूप न ले ले।

फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तान की सरकार युवाओं की नाराजगी को केवल चेतावनी के रूप में देखती है या रोजगार, मेरिट और अवसरों से जुड़े मुद्दों पर वास्तव में कोई बड़ा बदलाव करती है।

और पढ़ें

[the_ad id="164"]