वृक्षारोपण के बाद पौधों की देखभाल, सुरक्षा एवं जीवितता सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी

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जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति के सदस्यों के साथ संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में वृक्षारोपण महाभियान-2026 के अंतर्गत जनपद में कराए गए वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, रोपित पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा, पौधों की जीवितता तथा जिओटैगिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि जनपद में दिनांक 05 जून 2026 को 6,08,000 तथा 12 जुलाई 2026 को 39,09,000, कुल 45,17,000 पौधों का रोपण कराया गया है। इसमें वन विभाग द्वारा 14,50,000 तथा अन्य 23 विभागों द्वारा 30,67,000 पौधों का रोपण किया गया है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रोपित पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा एवं शत-प्रतिशत जीवितता सुनिश्चित की जाए। साथ ही वर्ष 2026-27 में कराए गए वृक्षारोपण का अंतर्विभागीय सत्यापन कार्य 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर निर्धारित प्रारूप में सत्यापन रिपोर्ट प्रभागीय वनाधिकारी, कुशीनगर के कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिओटैगिंग की समीक्षा के दौरान पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग एवं पंचायती राज विभाग में जिओटैगिंगका कार्य अभी शत-प्रतिशत पूर्ण नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तीन दिवस के भीतर शत-प्रतिशत जिओटैगिंग कार्य पूर्ण कराने के कड़े निर्देश दिए।

पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर बैठक में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जनपद में जैव विविधता प्रबंधन समितियों के गठन एवं जैव विविधता रजिस्टर तैयार किए जाने की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही बांसी नदी में गिर रहे नालों, उनके प्रभाव एवं आवश्यक रोकथाम की कार्यवाही, ग्राम आर्द्रभूमि समितियों के गठन, वेटलैंड संरक्षण तथा ग्रीन चौपाल के संचालन सहित पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि रोपित पौधों का संरक्षण, उनकी जीवितता एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करना ही अभियान की वास्तविक सफलता है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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