लखनऊ। हिंद एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े के आरोपों को लेकर शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डायरेक्टर पटेल मानवेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में ट्रस्ट से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए।
पटेल मानवेंद्र सिंह के मुताबिक वर्ष 2016 में मूल ट्रस्ट डीड में कथित तौर पर बदलाव कर अन्य ट्रस्टियों के नाम हटाकर डॉ. ए.के. सचान और डॉ. रिचा मिश्रा के नाम दर्ज किए गए। आरोप है कि इसी आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खोले गए।
उन्होंने बताया कि मामले में न्यायालय के आदेश पर कैसरबाग थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। उनके दावे के अनुसार जांच अधिकारी की प्रगति आख्या में करीब 96 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं और लगभग 35 संदिग्ध बैंक खातों का उल्लेख किया गया है।
पटेल मानवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बाराबंकी और अटरिया, सीतापुर से होने वाली आय के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बैंक खाते फ्रीज किए जाने के बावजूद कॉलेजों की दैनिक आय और उसके संचालन को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉलेज परिसर में ट्रस्टियों के साथ कथित मारपीट के प्रयास और एक बैंक अधिकारी को धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए गए। पटेल मानवेंद्र सिंह ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









