मैनपुरी। एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र में सुन्ना नहर के पास पुलिस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश वीरेंद्र मारा गया। पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र पर 53 मुकदमे दर्ज थे और 22 अक्टूबर को अलीगंज में सर्राफा कारोबारी से हुई लूट में भी उसका नाम सामने आया था। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी फरार हो गया, जबकि एक पुलिसकर्मी घायल हुआ।
पुलिस का दावा है कि लूट की वारदात से पहले बदमाशों ने उन्नाव से बाइक चोरी की थी। उसी बाइक से अगले दिन अलीगंज पहुंचकर सर्राफा कारोबारी को निशाना बनाया गया। मुठभेड़ में मारे गए वीरेंद्र का अंतिम संस्कार मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के हरचंदपुर स्थित पैतृक गांव में पुलिस सुरक्षा के बीच कराया गया।
वहीं, वीरेंद्र के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मृतक की पत्नी सुमन और बेटी नीलम का आरोप है कि वीरेंद्र परिवार के साथ फिरोजाबाद में बेटी का रिश्ता देखने गया था। परिजनों ने दावा किया कि पुलिस ने वीरेंद्र के दो सालों और होने वाले दामाद को हिरासत में रखा है। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। फिलहाल, मुठभेड़ को लेकर पुलिस के दावे और परिजनों के आरोपों के बीच मामले ने तूल पकड़ लिया है।









