लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने सख्त रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के 9 जिलों के 10 थानाध्यक्षों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और वर्तमान तैनाती से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ: बीबीडी थाना प्रभारी
- लखीमपुर खीरी: मैलानी थाना प्रभारी
- लखीमपुर खीरी: फरधान थाना प्रभारी
- उन्नाव: सोहरामऊ थाना प्रभारी
- एटा: जसरथपुर थाना प्रभारी
- आगरा: लोहामंडी थाना प्रभारी
- प्रतापगढ़: महेशगंज थाना प्रभारी
- बदायूं: उसावा थाना प्रभारी
- बिजनौर: चांदपुर थाना प्रभारी
- मथुरा: जैत थाना प्रभारी। तीन दिन में देनी होगी लंबित शिकायतों की रिपोर्ट
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि थानों और चौकियों पर लंबित जनशिकायतों की समीक्षा की जाए। शिकायतें लंबित रहने के कारणों की जानकारी जुटाकर तीन दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों के माध्यम से पुलिस मुख्यालय भेजी जाए।
शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर जोर
निर्देशों के अनुसार, आईजीआरएस, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए। शिकायत दर्ज करने से इनकार न किया जाए और निस्तारण में देरी होने पर उसका कारण दर्ज कर शिकायतकर्ता को जानकारी दी जाए। प्रत्येक जिले में शिकायतों की निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। महत्वपूर्ण तथ्य: उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में इन थानाध्यक्षों को तत्काल निलंबित किए जाने के बजाय वर्तमान तैनाती से हटाने/प्रत्यावर्तित करने और विभागीय कार्रवाई के निर्देशों का उल्लेख है। इसलिए आधिकारिक आदेश की पुष्टि के बिना सभी को निलंबित घोषित करना उचित नहीं होगा।









