पट्टे की चार कट्ठा जमीन बहला-फुसलाकर लिखवाने का आरोप, युवक ने लगाया धमकी देने का आरोप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

खड्डा/लक्ष्मीपुर पढ़रहवा, कुशीनगर।  कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील क्षेत्र के लक्ष्मीपुर पढ़रहवा गांव में पट्टे की करीब चार कट्ठा जमीन कथित रूप से बहला-फुसलाकर दूसरे व्यक्ति के नाम लिखवाने का मामला सामने आया है। पीड़ित छोटेलाल कुमार पुत्र कांता कुमार ने गांव के ही निवासी असफाक उर्फ लड्डन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित का आरोप है कि असफाक उर्फ लड्डन जो लक्ष्मीपुर पढ़रहवा का ही निवासी है जो कि लड्डन ने उसे बहला-फुसलाकर महाराजगंज से बुलाया और करीब पांच दिनों तक अपने रिश्तेदारों के यहां रखा। इसी दौरान उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया गया, पैन कार्ड बनवाया गया और खड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में बैंक खाता खुलवाया गया। आरोप है कि इसके बाद बैंक खाते में रकम का लेनदेन कराने के बाद उसे खड्डा तहसील ले जाकर उसकी पट्टे की करीब चार कट्ठा जमीन खड्डा थाना क्षेत्र के तुर्कहा गांव के निवासी मोहनलाल के नाम लिखवा दी गई।

भाई जमीन बेच रहा है, कहकर बुलाने का आरोप

छोटेलाल के मुताबिक वह महाराजगंज में मजदूरी का काम करता था। उसका आरोप है कि जमीन लिखवाने से करीब एक सप्ताह पहले असफाक उर्फ लड्डन ने उसे महाराजगंज से बुलाया। लड्डन ने कथित तौर पर उससे कहा कि उसका भाई लालाजी उसकी जमीन बेच रहा है और जमीन बेचने के बाद उसे रुपये नहीं देगा। इसी बात का भरोसा दिलाकर उसे अपने साथ ले जाया गया।

पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उसे अपने घर जाने नहीं दिया गया और रिश्तेदारों के यहां करीब पांच दिनों तक रखा गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उसे शराब पिलाई गई और उसकी स्थिति का फायदा उठाकर जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार कराए गए।

सिम, पैन कार्ड और बैंक खाता खुलवाने का आरोप

पीड़ित के अनुसार, इसी दौरान उसके नाम से सिम कार्ड निकलवाया गया, पैन कार्ड बनवाया गया और खड्डा में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में उसके नाम से खाता खुलवाया गया।

छोटेलाल का दावा है कि उसे जमीन के कागजात और बैंकिंग प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी। उसका आरोप है कि असफाक उर्फ लड्डन ही उसे अलग-अलग स्थानों पर लेकर जाता रहा।

बैंक खाते में रुपये जमा कराने और निकालने का आरोप

छोटेलाल ने अपने बयान में बैंक खाते में हुए लेनदेन का भी उल्लेख किया है। उसके मुताबिक 30 जुलाई 2026 को उसके खाते में 50 हजार रुपये जमा किए गए। इसके बाद 31 जुलाई को उससे 49 हजार रुपये निकलवाए गए और फिर 50 हजार रुपये उसके खाते में जमा कराए गए।

पीड़ित का आरोप है कि 1 अगस्त को उसे दोबारा बैंक ले जाया गया, जहां उससे 50 हजार रुपये निकलवाए गए। इसके बाद उसे खड्डा तहसील ले जाया गया। और सभी पैसे लड्डन खुद बैंक में ही ले लिए और मुझे 500 रुपया देकर भेज दिया कहा कि सब पैसा तुम्हारे खाता में है ।

छोटेलाल के अनुसार तहसील पहुंचने से पहले उसे खाना-पीना कराया गया और उसके बाद उसकी पट्टे की जमीन मोहनलाल के नाम लिखवा दी गई।

पट्टे की जमीन को लेकर जांच अहम

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पीड़ित के अनुसार जिस जमीन का बैनामा कराया गया, वह पट्टे की जमीन है। ऐसे में जमीन के स्वामित्व, पट्टे की प्रकृति, हस्तांतरण की वैधता और बैनामे के लिए लागू नियमों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।

अब पुलिस और संबंधित राजस्व अधिकारियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि उक्त जमीन किस प्रकार का पट्टा है, उसके हस्तांतरण की अनुमति थी या नहीं और जमीन का बैनामा किन परिस्थितियों में कराया गया।

मोहनलाल के नाम जमीन कराने को लेकर भी आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी जमीन लड्डन उर्फ असफाक के परिचित मोहनलाल के नाम कराई गई। छोटेलाल का दावा है कि मोहनलाल अनुसूचित जाति से संबंधित है और इसी वजह से उसकी पट्टे की जमीन उसके नाम कराने की योजना बनाई गई।

आधार कार्ड, पासबुक और सिम रखने का आरोप

छोटेलाल का यह भी आरोप है कि असफाक उर्फ लड्डन ने उसका आधार कार्ड, बैंक पासबुक और सिम कार्ड अपने पास रख लिया। इसी दौरान पैन कार्ड डाक के जरिए उसके घर पहुंचा। परिजनों ने जब पैन कार्ड के बारे में उससे पूछा तो उसने डर के कारण पूरी बात नहीं बताई।

पीड़ित का आरोप है कि उसे घरवालों को कुछ भी बताने पर धमकी दी गई थी, जिसके चलते वह कई दिनों तक चुप रहा।

भाई की जमीन को लेकर पहले से न्यायालय में विवाद

परिजनों के अनुसार छोटेलाल के भाई लालाजी की जमीन को लेकर भी पहले से विवाद चल रहा है। इस जमीन पर कब्जे को लेकर पडरौना स्थित दीवानी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। ऐसे में अब छोटेलाल की पट्टे की जमीन को लेकर सामने आए आरोपों ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।

24 अगस्त को खड्डा थाने में दी तहरीर

मामले को लेकर छोटेलाल के परिजनों ने 24 अगस्त को खड्डा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने पूरे मामले की जांच कराने के साथ जमीन के दस्तावेज, बैंक खाते में हुए लेनदेन और पट्टे की जमीन के हस्तांतरण की वैधता की जांच कराने की मांग की है।

इस मामले में पुलिस जब भी लड्डन को थाने बुलाती है उस समय लड्डन झूठ बोल के घर से गायब हो जाता है घर जाने के बाद घर पर मौके से नहीं मिलता है ।

अब देखना होगा कि पट्टे की जमीन के कथित बैनामे के इस मामले में पुलिस और राजस्व विभाग क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

और पढ़ें

[the_ad id="164"]