कुशीनगर। जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गौरीश्रीराम गांव में भूमि विवाद को लेकर न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व विभाग के तत्कालीन अधिकारियों समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम), कुशीनगर के न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना विशुनपुरा पुलिस ने एफआईआर संख्या 0281/2026 दर्ज की है। मुकदमे में तत्कालीन हल्का लेखपाल रविशंकर, तत्कालीन हल्का कानूनगो बृजेश प्रसाद और तत्कालीन नायब तहसीलदार कुन्दन वर्मा समेत गांव के सात अन्य लोगों को नामजद किया गया है। एफआईआर के अनुसार घटना 6 फरवरी 2025 को सुबह करीब 10 बजे ग्राम गौरीश्रीराम में हुई बताई गई है, जबकि मुकदमा 2 सितंबर 2026 को सुबह 11:39 बजे दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
*न्यायालयों में चल रहा है भूमि विवाद*
एफआईआर में शिकायतकर्ता तुफानी पुत्र पतिराम, निवासी गौरीश्रीराम ने बताया है कि उसकी पैतृक भूमि को लेकर विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे विचाराधीन हैं। शिकायत के मुताबिक उसकी भूमि से संबंधित मामला उपजिलाधिकारी न्यायालय तमकुहीराज, चकबंदी न्यायालय तथा सिविल न्यायालय कसया में चल रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश भी पारित किया गया था। एफआईआर में बताया गया है कि उपसंचालक चकबंदी अधिकारी, कुशीनगर के न्यायालय से 23 जनवरी 2025 को अंतिम आदेश तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया गया था। इसके बाद 31 जनवरी 2025 को उसके अनुपालन के लिए एसएचओ विशुनपुरा को भी निर्देशित किए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है।
*50 हजार रुपये मांगने का आरोप*
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी 2025 को करीब शाम चार बजे तत्कालीन हल्का लेखपाल रविशंकर और हल्का कानूनगो बृजेश प्रसाद उसके दरवाजे पर पहुंचे और उसे बुलाकर कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों की ओर से कहा गया कि यदि रकम नहीं दी गई तो मौके पर रखी ईंट, बालू और गिट्टी हटवा दी जाएगी। शिकायतकर्ता ने रकम देने से इनकार किया तो कथित तौर पर उसे कार्रवाई की धमकी दी गई।
*जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे अधिकारी*
शिकायत के मुताबिक 6 फरवरी 2025 को सुबह करीब 10 बजे तत्कालीन हल्का लेखपाल रविशंकर और हल्का कानूनगो बृजेश प्रसाद अपने साथ तत्कालीन नायब तहसीलदार कुन्दन वर्मा तथा अन्य नामजद लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस बल और जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉली भी होने का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि मौके पर शिकायतकर्ता के मकान के पास ऊपर की मंजिल के निर्माण के लिए रखी गई ईंट, गिट्टी और बालू को हटाने की कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।
*परिवार के लोगों से मारपीट और धमकी का आरोप*
शिकायतकर्ता तुफानी का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपितों ने उसके साथ-साथ उसके पुत्र जितेन्द्र गुप्ता और सचिन गुप्ता, पत्नी मीरा देवी तथा बहू बिन्दा देवी को भी घर से बुलाकर कथित रूप से गाली-गलौज की और जान से मारने तथा हत्या की धमकी दी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें जबरन खींचकर पुलिस की गाड़ी में बैठाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उसके और परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए।
*1.25 लाख रुपये की निर्माण सामग्री के नुकसान का दावा*
एफआईआर में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जेसीबी की मदद से उसके मकान के पास रखी निर्माण सामग्री को हटाया गया। इसमें करीब दो ट्रॉली ईंट, एक ट्रॉली गिट्टी और दो ट्रॉली सफेद बालू का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इस कार्रवाई से करीब 1.25 लाख रुपये की निर्माण सामग्री का नुकसान हुआ। उसने आरोप लगाया है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बावजूद की गई।
*इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर और इनका नाम है शामिल*
विशुनपुरा थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 191(2), 115(2), 352, 351(3), 324(4) और 309(6) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें तत्कालीन हल्का लेखपाल रविशंकर,तत्कालीन हल्का कानूनगो बृजेश प्रसाद,तत्कालीन नायब तहसीलदार कुन्दन वर्मा,धर्मेन्द्र यादव पुत्र मोहन यादव,छोटेलाल पुत्र इन्द्रजीत
,परमेश्वर पुत्र परमा,अमर पुत्र परमेश्वर,अनुप पुत्र राधेश्याम,कुलदीप पुत्र हीरालाल,अभिषेक पुत्र मोहनलाल शामिल हैं। सभी आरोपितों के पते एफआईआर में ग्राम गौरीश्रीराम, थाना विशुनपुरा, जनपद कुशीनगर दर्ज हैं।
*सीजेएम के आदेश के बाद हुई कार्रवाई*
शिकायतकर्ता की ओर से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कुशीनगर के न्यायालय में प्रार्थना पत्र संख्या 735/2025 प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में थाना विशुनपुरा पुलिस ने 2 सितंबर 2026 को मुकदमा दर्ज किया। एफआईआर में शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम को न्यायालय में लंबित भूमि विवाद और कथित रिश्वत की मांग से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने अब मामले की विवेचना शुरू कर दी है। विवेचना के दौरान न्यायालय के आदेश, राजस्व अभिलेख, भूमि विवाद से संबंधित दस्तावेज, मौके की स्थिति और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच की जाएगी।









