जन्माष्टमी की रात हुई बारिश किसानों के लिए बनी अमृत वर्षा, सूख रही धान की फसल को मिली संजीवन

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जन्माष्टमी की रात हुई मूसलाधार बारिश हाटा तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की सूख रही धान की फसल को इस बरसात से नई संजीवनी मिल गई। बारिश के बाद धान के खेतों में पानी भर गया और फसल एक बार फिर लहलहाने लगी

इन दिनों धान की फसल तैयारी की अवस्था में है। कई खेतों में धान में फूल लग रहे हैं, जबकि कुछ खेतों में बालियां निकल चुकी हैं। ऐसे समय में फसल को पर्याप्त पानी की बेहद आवश्यकता थी। बारिश नहीं होने से किसान सिंचाई को लेकर परेशान थे और निजी संसाधनों से पानी चलाने की तैयारी कर रहे थे। जन्माष्टमी की रात हुई अच्छी बारिश ने किसानों की यह चिंता दूर कर दी

किसानों रामधारी सिंह, गणेश सिंह, इंद्रदेव, साधु गुप्ता, मनीष गुप्ता, हरबार फूल, बदन लाल और बाबू आजम ने बताया कि पानी के अभाव में धान की फसल कमजोर पड़ने लगी थी। लेकिन जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। इससे खेतों में पर्याप्त पानी पहुंच गया है और अब धान की फसल के बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।

कृषि रक्षा अधिकारी जयकुमार यादव ने किसानों को सलाह दी कि धान में फूल आने की अवस्था में फसल की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता के अनुसार कीटनाशक रोगरोधी दवाओं का छिड़काव करें, ताकि फसल को कीट-पतंगों और रोगों से बचाया जा सके।

किसानों का कहना है कि निचले खेतों में अब सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि ऊंचाई वाले खेतों में एक बार और सिंचाई की आवश्यकता हो सकती है। बारिश से किसानों के चेहरे पर भी रौनक लौट आई है।

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