कानपुर में दो साल तक युवक को बंधक बनाकर रखने का आरोप, 100 करोड़ की संपत्ति 6 करोड़ में लिखवाई

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उत्तर प्रदेश के कानपुर से संपत्ति हड़पने और एक युवक को लंबे समय तक बंधक बनाकर रखने का गंभीर मामला सामने आया है| पीड़ित ने अपने दोस्त, उसके बिल्डर पिता और 16 अन्य लोगों पर नशीले पदार्थ देकर कैद रखने, मारपीट करने और परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम कराने का आरोप लगाया है| शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है|

दोस्ती के बाद शुरू हुआ कथित शोषण

फजलगंज के राधाकुंज निवासी प्रणवपत सिंघानिया के अनुसार, वर्ष 2020 में उसकी दोस्ती सुयश अस्थाना से हुई थी| आरोप है कि सुयश ने उसे गांजे का सेवन कराना शुरू कर दिया| वर्ष 2024 में बेनाझाबर इलाके में मुलाकात के दौरान उसने प्रणव से परिवार की संपत्ति के बारे में जानकारी ली| इसके बाद संपत्ति में हिस्सा दिलाने का लालच दिया गया| पीड़ित का आरोप है कि इसी बहाने उसे अपने साथ ले जाकर नशीले पदार्थ दिए गए और बंधक बना लिया गया|

नशे के इंजेक्शन देकर संपत्ति लिखवाने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, प्रणव को पहले स्वरूप नगर के एक होटल में करीब तीन महीने तक रखा गया| इसके बाद उसे दूसरी जगह ले जाकर कथित तौर पर लंबे समय तक बंधक बनाए रखा गया| पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे नशे की ओवरडोज देकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान कराए गए| इस दौरान जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है| प्रणव का दावा है कि परिवार की करीब 100 करोड़ रुपये की राधाकुंज स्थित संपत्ति छह करोड़ रुपये में लिखवा ली गई| इसके अलावा कूपरगंज की संपत्ति में एक-तिहाई हिस्से को भी तीन लाख रुपये में अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है|

तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

मामले में स्वरूप नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है| पुलिस ने सुयश अस्थाना, अधिवक्ता बृजेंद्रनाथ मिश्रा और मेडिकल स्टोर संचालक श्रीराम उर्फ रमित मिश्रा को गिरफ्तार किया है| तीनों को जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले में नामजद अन्य लोगों की तलाश की जा रही है|

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