महराजगंज।जिले के सिसवा कस्बे के कोठीभार थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर-25 मीराबाई नगर (पोखरा टोला) में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। निर्माणाधीन पोखरे में नहाने गए चार किशोरों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतकों के घरों में चीख-पुकार और मातम का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों तथा गोताखोरों की मदद से तीनों किशोरों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दोपहर में दोस्तों के साथ नहाने गए थे चारों किशोर
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब दो बजे गांव के चार किशोर घर से कुछ दूरी पर स्थित निर्माणाधीन पोखरे में नहाने पहुंचे थे। हाल की बारिश के कारण पोखरे में पर्याप्त पानी भर गया था। नहाते समय बच्चों को पानी की गहराई का सही अनुमान नहीं लग सका और तीन किशोर अचानक गहरे हिस्से में चले गए। देखते ही देखते तीनों पानी में डूबने लगे।
उनके साथ मौजूद राजवीर (13 वर्ष), पुत्र उमेश यादव, ने जब अपने दोस्तों को डूबते देखा तो वह घबरा गया। उसने शोर मचाया और दौड़कर गांव पहुंचा। राजवीर ने परिजनों और ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद लोग तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही कोठीभार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरों की सहायता से पोखरे में तलाश अभियान शुरू कराया। काफी प्रयास के बाद तीनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया।
गंभीर हालत में उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिसवा ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में जैसे ही मौत की पुष्टि हुई, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों किशोरों की पहचान इस प्रकार हुई—
- नीतीश यादव (14 वर्ष), पुत्र रमेश यादव, निवासी पोखरा टोला
- रोहन (13 वर्ष), पुत्र रामलखन, निवासी पोखरा टोला
- कृष्णा रौनियार (15 वर्ष), पुत्र कबूतर रौनियार, निवासी पोखरा टोला
तीनों किशोर एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे और बचपन से आपस में मित्र बताए जा रहे हैं। एक साथ तीन घरों में मातम छा जाने से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
थानाध्यक्ष ने क्या कहा
कोठीभार थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों किशोरों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गांव में शोक, हर आंख हुई नम
एक ही गांव के तीन किशोरों की असमय मौत से पोखरा टोला सहित पूरे सिसवा क्षेत्र में शोक की लहर है। हादसे के बाद मृतकों के घरों पर लोगों का तांता लगा रहा। महिलाओं का विलाप और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे गांव में दिनभर मातम जैसा माहौल बना रहा।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन पोखरों और गहरे जलाशयों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं। बरसात के मौसम में इन जलाशयों में अचानक पानी भर जाता है, जिससे उनकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह का दुख न झेलना पड़े।









