औचक निरीक्षण के नाम पर सीएचसी कसया में महज औपचारिकता, पुरानी कमियां कागजों पर दुरुस्त करने की सलाह

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कुशीनगर। जिले के स्वास्थ्य महकमे में व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य टीम के संभावित दौरे की आहट के बीच गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसया में स्टेट और मंडलीय स्तर की टीम ने औचक निरीक्षण किया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान गंभीर कमियों को दूर कराने के बजाय पुरानी खामियों को अभिलेखों में दुरुस्त करने की सलाह दिए जाने से पूरी कार्रवाई की निष्पक्षता और उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं।बताया जा रहा है कि दो सदस्यीय एसआरएम टीम के सदस्य दुर्गा प्रताप सिंह निर्धारित समय से करीब एक घंटे पहले ही सीएचसी पहुंच गए थे। वह सीधे अधीक्षक कक्ष में पहुंचे और एसीएमओ मऊ डॉ. बीके यादव के पहुंचने का इंतजार करने लगे। टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही सीएचसी प्रशासन में हलचल तेज हो गई और कर्मचारियों को अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

ड्रेस कोड से लेकर व्यवस्थाओं तक पर सवाल

सीएचसी में सामान्य दिनों की कार्यप्रणाली और निरीक्षण के दौरान नजर आई व्यवस्थाओं में अंतर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सामान्य दिनों में कई चिकित्सक ड्यूटी के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं करते, जबकि निरीक्षण की सूचना मिलते ही डॉक्टर और कर्मचारी फॉर्मल ड्रेस में नजर आने लगे। करीब एक घंटे बाद एसीएमओ डॉ. बीके यादव के पहुंचने पर अधीक्षक डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी के कक्ष में बैठक हुई। इसके बाद टीम ने ओपीडी, इमरजेंसी, पैथोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर, महिला वार्ड, दवा स्टोर और कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर में बिजली, पंखे और जनरेटर समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा गया।

पुरानी कमियों को लेकर उठे सवाल

सबसे अहम सवाल करीब एक वर्ष पहले दिल्ली से आई केंद्रीय स्वास्थ्य टीम के निरीक्षण को लेकर है। उस समय सीएचसी में कई कमियां सामने आने की बात कही गई थी। अब केंद्रीय टीम के संभावित दौरे से पहले राज्य और मंडलीय स्तर के अधिकारियों की सक्रियता ने इन पुरानी कमियों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। सूत्रों का दावा है कि निरीक्षण के दौरान पुरानी जांच रिपोर्ट में दर्ज कमियों को वास्तविक रूप से दूर कराने के बजाय उन्हें अभिलेखों में दुरुस्त करने पर अधिक जोर दिया गया। यदि यह आरोप सही है तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति सुधारने के बजाय कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहने का गंभीर मामला माना जाएगा।

दो नई शिकायत पेटिकाएं लगवाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान टीम ने ओपीडी और इमरजेंसी कक्ष में दो नई शिकायत पेटिकाएं लगवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने की बात कही गई। टीम ने विभिन्न विभागों और अभिलेखों का अवलोकन किया, लेकिन निरीक्षण के बाद किसी बड़ी कमी पर कार्रवाई अथवा जिम्मेदारी तय किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई।

केंद्रीय टीम के संभावित दौरे से पहले सक्रियता

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य टीम के संभावित दौरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व्यवस्थाओं को बेहतर दिखाने में जुटे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि निरीक्षण का उद्देश्य वास्तव में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है तो पुरानी कमियों को जमीनी स्तर पर दूर करने के बजाय कागजी रिकॉर्ड दुरुस्त करने पर जोर क्यों दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी, डॉ. संजय सिंह, डॉ. आशुतोष पाण्डेय समेत अन्य चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे। अब देखना यह होगा कि इस निरीक्षण के बाद सीएचसी की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार होता है या कार्रवाई एक बार फिर कागजी रिपोर्ट तक ही सीमित रह जाती है।

 

साजिद अंसारी पड़रौना

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