कोर्ट से राहत: अबान के जनाजे में शामिल होंगे भाई अली-उमर

बान अहमद के जनाजे में शामिल होंगे भाई अली उमर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

झांसी में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान के अंतिम संस्कार में अब उसके दोनों बड़े भाई भी शरीक हो सकेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जेल में बंद मोहम्मद उमर और अली अहमद की पैरोल अर्जी स्वीकार कर ली है। लखनऊ जेल में बंद उमर और झांसी जेल में बंद अली को कोर्ट ने कड़ी शर्तों के साथ पैरोल दी है, जिसमें सबसे अहम शर्त यह है कि दोनों भाई इस दौरान किसी भी मीडियाकर्मी से बातचीत नहीं करेंगे।

कोर्ट की सख्त हिदायत, पुलिस निगरानी में सफर

अदालत के आदेश के मुताबिक दोनों भाइयों को पुलिस अपनी सुरक्षा में सीधे कब्रिस्तान लेकर जाएगी और जनाजे की रस्म पूरी होने के तुरंत बाद वापस जेल भेज दिया जाएगा। बता दें कि अतीक अहमद के पांचवें बेटे अबान की गुरुवार को झांसी के पास एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई थी।

पिता की कब्र के पड़ोस में मिलेगी अंतिम जगह

अबान का पार्थिव शरीर फिलहाल उसकी बुआ के घर पर रखा गया है, जहां रिश्तेदारों, ग्रामीणों और समर्थकों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हादसे में अबान के साथ मारे गए उसके दोस्त सोनू को जुम्मे की नमाज के बाद हटवा गांव के स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

अबान का अंतिम संस्कार प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में होगा, जो अतीक अहमद परिवार का पैतृक कब्रिस्तान है। यहीं अतीक अहमद, उसके पिता हाजी फिरोज अहमद, मां, भाई अशरफ और बेटे असद पहले ही दफनाए जा चुके हैं। अबान की कब्र भी ठीक अपने पिता अतीक की कब्र के बगल में खोदी गई है।

शाम तक पूरी होगी सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया

हाईकोर्ट से पैरोल की मंजूरी मिलने के बाद अब जरूरी कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही को पूरा किया जा रहा है। इन औपचारिकताओं के निपटते ही देर शाम तक कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा।

और पढ़ें

[the_ad id="164"]