डिस्चार्ज 1.19 लाख क्यूसेक पर पहुंचा, पानी में डूबी फसलों को बचाने की चुनौती; विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई
कुशीनगर। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज लगातार घट रहा है, लेकिन जलस्तर कम होने के साथ ही छितौनी बांध के ठोकर नंबर चार के समीप किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार सुबह नदी का डिस्चार्ज 1.29 लाख क्यूसेक से घटकर 1.19 लाख 500 क्यूसेक पर पहुंच गया। इससे रेताक्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी ओर छितौनी बांध के पास पानी में डूबी फसलों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है।
छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर मंगलवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष 94.98 मीटर दर्ज किया गया। पांच दिन पहले वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 1.77 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसके बाद नदी में उफान आने से छितौनी तटबंध से सटे किसानों के खेतों में पानी भर गया था।
फसल बचाने की चुनौती
नदी का पानी घटने के बाद भी किसानों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। धान और गन्ने की फसल कई दिनों तक पानी में डूबे रहने से अब सूखने की कगार पर पहुंच गई है। वहीं ठोकर नंबर चार के समीप पानी में डूबी फसलों के आसपास कटान का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर और घटा तो तेज बहाव के कारण खेतों की मिट्टी कटने की आशंका है।
इससे पहले नदी में उफान के दौरान किसानों की फसलें पानी में डूब गई थीं। अब उनके सामने फसल बचाने के साथ-साथ खेतों को कटान से बचाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
ठोकर नंबर तीन के पास कटान फिलहाल रुका
छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर तीन के समीप पिछले दिनों से हो रहा कटान फिलहाल रुक गया है। कटान थमने से बाढ़ खंड विभाग ने राहत की सांस ली है। विभाग की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंध की सुरक्षा को लेकर विभागीय कर्मी सतर्क हैं।
इधर, बसंतपुर, मरिचहवा और रोहुआ नाले पर अब भी पानी लगा हुआ है। इससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बावजूद नालों का पानी पूरी तरह उतरने में समय लग रहा है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
सामान्य स्थिति में पहुंची गंडक नदी
इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौड़ ने बताया कि गंडक नदी अब सामान्य स्थिति में पहुंच गई है। छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर तीन के समीप हो रहा कटान रुक गया है। संवेदनशील प्वाइंटों की लगातार निगरानी की जा रही है।









