कुशीनगर। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी का डिस्चार्ज रविवार को भी 1.29 लाख क्यूसेक पर बना रहा। छितौनी तटबंध के भैंसहा गेज पर नदी चेतावनी बिंदु 95 मीटर के सापेक्ष दो सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इसके बावजूद छितौनी तटबंध के ठोकर नंबर तीन के समीप स्पर ए पर नदी का कटान जारी है। कटान के चलते ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। बाढ़ खंड विभाग की ओर से कटान रोकने के लिए बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
पिछले पांच दिनों से वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर नदी के डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे खड्डा रेता क्षेत्र के शिवपुर, मरिचहवा, नारायनपुर सहित महराजगंज जिले के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा आदि गांवों के ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। उधर, बसंतपुर-मरिचहवा और सोहगीबरवा-नौरंगिया मुख्य मार्ग पर स्थित रोहुआ नाले में नदी का पानी अभी भी बरकरार है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
नदी के दबाव के चलते शुक्रवार की रात नदी किनारे स्थित करीब 20 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ और पांच सीमेंटेड ब्लॉक कटान की जद में आकर नदी में समा गए थे। इसके बाद बाढ़ खंड विभाग ने संबंधित स्थल पर बोल्डर आदि की डंपिंग कराकर कटान रोकने का प्रयास तेज कर दिया है। विभाग की ओर से संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है।
बाढ़ खंड के एसडीओ संजय गौंड ने बताया कि बीच नदी में सिल्ट जमा होने के कारण नदी की धारा मुड़कर छितौनी तटबंध की ओर हो गई है। इससे नदी का सीधा दबाव स्पर ए पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कटान रोकने के लिए आवश्यक बचाव कार्य कराया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।









