महराजगंज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रामाश्रय विश्वकर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अच्छे दिन का सपना दिखाकर जनता को गुमराह किया। महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और किसानों की समस्याओं के कारण जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि छात्रों और नौजवानों के आक्रोश को सरकार दबाने का प्रयास कर रही है।
रामाश्रय विश्वकर्मा ने परीक्षा प्रणाली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान, पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी है।
उन्होंने प्रदेश में अपराध, फर्जी मुकदमों, कथित फर्जी मुठभेड़ों और पुलिस हिरासत में मौतों को लेकर भी सरकार को घेरा। विश्वकर्मा समाज का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि समाज के 45 नौजवानों की हत्या और बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों पर कार्रवाई के बजाय न्याय की मांग करने वालों पर मुकदमे दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में विश्वकर्मा समाज के हित में किए गए कार्यों को भाजपा सरकार ने समाप्त कर दिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रही है।
रामाश्रय विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित पदों पर पिछड़े और दलित वर्ग के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया तथा कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। उन्होंने 2027 में भाजपा सरकार को हटाकर अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार बनाने की अपील की।
इस दौरान जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव, पूर्व विधायक पद प्रत्याशी निरमेश मंगल, विजय यादव, कैलाश विश्वकर्मा, विजय कश्यप, मकसूद अहमद, गोरख यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।









