सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्या द्वारा माँ सरस्वती एवं महाराज द्वै के चित्र सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
छात्राओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से दिग्विजय नाथ बालिका इंटर कॉलेज, चौक बाजार में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के प्रबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ शैलेन्द्र प्रताप सिंह जी अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्राओं को कहा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी जरूरत हैं।
व्याख्यान में मुख्य अतिथि कुशल वक्ता महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री वैभव श्रीवास्तव जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास आधुनिक युग में किसी भी देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का मुख्य आधार है।
इसका उद्देश्य युवाओं को ऐसे व्यवहारी हुनर सीखना जिससे वह नौकरी या स्वरोजगार पा सके जैसे इलेक्ट्रॉनिक वर्क, सिलाई-कढ़ाई कंप्यूटर शिक्षा, ब्यूटीशियन कोर्स।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि छात्राएं सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें बल्कि खुद के फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की तरफ कदम बढ़ाए।
और सरकारी कौशल विकास योजनाओं जैसे – PM कौशल विकास योजना, स्किल इंडिया मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सपना सिंह द्वारा किया गया ।
उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप के प्रतिस्पर्धी युग में केवल किताबी ज्ञान प्रयाप्त नहीं है, तकनीकी शिक्षा और कौशल ही छात्राओं को आत्मनिर्भर बना कर उज्जवल भविष्य की ओर ले जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं श्री विपिन कुमार, श्री आनन्द कुमार शुक्ल, श्री संदीप यादव, श्री शेषमणि विश्वकर्मा, श्री कृष्ण मोहन शर्मा, श्री अखिलेश कन्नौजिया, सुश्री प्रतिभा पाण्डेय, सुश्री प्रियंका पांडेय, श्रीमती सरिता मिश्रा, श्रीमती प्रियदर्शिनी मौर्या, श्रीमती रूपांजली दूबे एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।









