बिजनौर में गुलदार के आतंक के बीच एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे के साथ बच्चे खेलते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, बच्चे पिंजरे के अंदर बंद होकर उसके दरवाजे को भी बंद करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से पिंजरे से दूर रहने और बच्चों को इसके पास नहीं जाने देने की अपील की है।
बिजनौर जिले में लंबे समय से गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार के हमलों में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं गुलदार बड़ी संख्या में पालतू और जंगली जानवरों का भी शिकार कर चुका है।
गुलदार के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग लगातार अभियान चला रहा है। लोगों को सावधानी बरतने और गुलदार से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। वहीं गुलदार को पकड़ने के लिए जिले में 120 से ज्यादा पिंजरे लगाए गए हैं।
लेकिन नजीबाबाद क्षेत्र से सामने आया एक वीडियो वन विभाग के अभियान में ग्रामीणों की लापरवाही को उजागर कर रहा है। वायरल वीडियो में कुछ बच्चे गुलदार पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे के अंदर जाते और उसके साथ खेलते दिखाई दे रहे हैं। एक बच्चा पिंजरे का खटका हटाकर दरवाजा बंद करता भी नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि पिंजरे में गुलदार को आकर्षित करने के लिए मुर्गे लगाए गए थे, लेकिन कुछ ग्रामीणों द्वारा उन्हें हटा दिया गया, जिसके बाद पिंजरा खाली हो गया।
मामले में बिजनौर वन विभाग के डीएफओ जय सिंह कुशवाहा ने वीडियो वायरल होने की जानकारी मिलने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर पिंजरा लगाया गया था, वहां पिछले कई दिनों से गुलदार की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी।
डीएफओ ने चेतावनी दी कि पिंजरे का दरवाजा तेजी से बंद होता है और इससे बच्चों को चोट लग सकती है। साथ ही अगर बच्चों के पिंजरे के पास खेलने के दौरान गुलदार वहां पहुंच जाए तो बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
वन विभाग के मुताबिक गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरी या मुर्गी लगाई जाती है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि पिंजरे में लगाए गए चारे को न हटाएं और पिंजरे से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें।
वन विभाग ने साफ कहा है कि गुलदार को पकड़ने के अभियान में ग्रामीण सहयोग करें और बच्चों को पिंजरे के पास जाने से रोकें।









