‘स्कूल नहीं तो वोट नहीं’ का नारा, विद्यालय विलय के विरोध में मुखर हुए कोदइला के ग्रामीण

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महराजगंज। सदर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम सभा कोदइला में प्राथमिक विद्यालय के भिस्वा स्थित विद्यालय में विलय को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बुधवार को विद्यालय विलय के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और बैनर के साथ ‘स्कूल नहीं तो वोट नहीं’ का नारा बुलंद किया। ग्रामीणों ने विद्यालय को पूर्व की तरह गांव में संचालित किए जाने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि कोदइला प्राथमिक विद्यालय का विलय भिस्वा स्थित प्राथमिक विद्यालय में किए जाने के बाद गांव के छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए एनएच-730 पार कर दूसरे विद्यालय जाना पड़ रहा है। व्यस्त हाईवे पार करते समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और कई लोग उन्हें दूर स्थित विद्यालय भेजने में भी असहज महसूस कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि 2 अगस्त 2025 को बेसिक शिक्षा मंत्री के हवाले से प्रकाशित खबरों में विद्यालय विलय को लेकर कुछ मानकों का उल्लेख किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसे विद्यालयों के विलय पर पुनर्विचार या उसे वापस लेने की बात कही गई थी, जहां विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए हाईवे, ताल-तलैया या पोखरों जैसे जोखिम वाले स्थानों से होकर गुजरना पड़ता है।

ग्रामीणों का दावा है कि कोदइला के बच्चों को वर्तमान में एनएच-730 पार करके भिस्वा विद्यालय जाना पड़ रहा है। ऐसे में उन्होंने निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर विद्यालय विलय के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा जरूरी है, लेकिन शिक्षा के लिए उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि कोदइला प्राथमिक विद्यालय को पुनः गांव में संचालित किया जाए, ताकि छोटे बच्चों को नजदीक और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।

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