रगड़गंज के डोल मेले पर पुलिस की कार्रवाई, तीनों अखाड़ों पर मुकदमा दर्ज; आयोजकों ने उठाए सवाल

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कुशीनगर। पटहेरवा थाना क्षेत्र के रगड़गंज बाजार में शुक्रवार की शाम से शनिवार देर शाम तक आयोजित डोल मेले को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मेले में शामिल तीनों अखाड़ों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मेला आयोजन के लिए निर्धारित अनुमति नहीं ली गई थी। इसके साथ ही मेले में मानक से अधिक डेसिबल पर साउंड बजाने और साउंड बॉक्स को निर्धारित ऊंचाई से अधिक रखने का भी आरोप है।

रगड़गंज बाजार में आयोजित डोल मेले में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी। मेले के दौरान अखाड़ों द्वारा साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए तेज आवाज में साउंड बजाया गया। इसके अलावा साउंड बॉक्स की ऊंचाई भी तय मानक के विपरीत रखी गई थी। पुलिस ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि मेले के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई थी। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर पटहेरवा पुलिस ने मेले में शामिल तीनों अखाड़ों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद मेला आयोजकों में नाराजगी है।

आयोजकों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

मेला आयोजकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे मनमानी बताया है। आयोजकों का कहना है कि डोल मेले को लेकर प्रशासन की ओर से पहले ही बाजार में बैठक कराई गई थी। यदि मेला आयोजन में कोई कमी या नियमों का उल्लंघन था तो प्रशासन को समय रहते आयोजकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।

आयोजकों का आरोप है कि मेले के दौरान प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की गई। अब निगरानी में हुई कथित कमी की जिम्मेदारी भी आयोजकों पर डालते हुए मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। उनका कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रहकर मानकों का पालन कराती तो स्थिति को उसी समय नियंत्रित किया जा सकता था।

पुलिस बोली—नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

इस संबंध में रकबा पुलिस पिकेट प्रभारी राम सिंह ने बताया कि मानक के विपरीत साउंड बजाने और बिना अनुमति मेला आयोजित किए जाने के मामले में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों में निर्धारित नियमों और ध्वनि मानकों का पालन करना आवश्यक है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल तीनों अखाड़ों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, आयोजकों द्वारा प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जाने से मामला चर्चा में है। अब देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है और आयोजकों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।

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